चंडीगढ़। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्प्री (स्कीम टू प्रमोट रजिस्ट्रेशन ऑफ इम्प्लोईयर्स-एम्प्लाई) योजना से गैर पंजीकृत प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलेगी। यदि गैर पंजीकृत प्रतिष्ठान पंजीकृत होंगे तो उन्हें पूर्व की सभी देनदारियों से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही प्रतिष्ठान या फैक्टरी संचालक पंजीकृत होने की स्थिति में पंजीकरण की तिथि से पूर्व के रिकार्ड का कोई निरीक्षण भी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा किसी भी बकाया राशि की मांग भी नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को पंचकूला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और पंचकूला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्प्री-2025 योजना पर संयुक्त रूप से संगोष्ठी की। निगम के संयुक्त निदेशक प्रभारी हरि ओम प्रकाश ने बताया कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले व खेल मंत्री डाॅ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में शिमला में हुई 196वीं ईएसआई निगम की बैठक के दौरान स्प्री 2025 योजना को मंजूरी दी गई थी। अब मंजूर हुई योजना के तहत एक जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक लाभ मिलेगा।
यह योजना उन गैर पंजीकृत कारखानों या प्रतिष्ठानों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठान, दुकानों, होटलों और रेस्तरां, सिनेमा हाॅल, सड़क मोटर परिवहन प्रतिष्ठानों, समाचार पत्र प्रतिष्ठानों, निजी चिकित्सा संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और नगर निगमों के संविदा और आकस्मिक कर्मचारियों और दैनिक वेतन पर कार्य करने वाले आदि के लिए आरंभ की गई जिनमें 10 या उससे अधिक कर्मचारी या श्रमिक कार्यरत हैं।
संबंधित संस्थान अपने कर्मचारियों व श्रमिकों का ब्योरा ईएसआईसी पोर्टल, श्रम सुविधा और एमसीए पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। उप क्षेत्रीय कार्यालय करनाल की उप निदेशक रीता रानी ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने पर चिकित्सा, मातृत्व की अवधि से लेकर दिव्यांगता, बीमारी आदि योजनाओं में आर्थिक लाभ पा सकते हैं। बैठक में हरियाणा चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के चैयरमैन अशोक सिंगला, सचिव ओपी चुघ, अमर नाथ दुबे शाखा प्रबंधक, राहुल बैरवा सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, विकास कार्यालय अधीक्षक, रोहित अग्रवाल वित्त सचिव, संदीप धीमान सदस्य, ग्लोबल इंडस्ट्रीज पार्क के प्रधान एनके गुप्ता आदि मौजूद रहे।