अभी तक अस्पतालों को सिर्फ 30 से 50 फीसदी हुआ भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों का बकाया का भुगतान नहीं होने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ा रुख अपना लिया है। एसोसिएशन ने 24 अगस्त को पानीपत में बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य सरकार निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं कर रही है और ऊपर से कार्रवाई करके अनैतिक दबाव बना रही है। सरकार का यह तरीका ठीक नहीं है। यमुनानगर और अंबाला के निजी अस्पतालों में बेवजह कार्रवाई की गई। यमुनानगर में इसके विरोध में निजी अस्पताल हड़ताल पर रहे।
आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन ने कहा, पानीपत में होने वाली बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, सात अगस्त से निजी अस्पतालों ने आयुष्मान के मरीजों का इलाज बंद किया हुआ है। दो सप्ताह बीतने के बावजूद अभी तक सिर्फ 30 से 50 फीसदी ही भुगतान हुआ है। सरकार को इस मुद्दे को हल करना चाहिए मगर इसका समाधान नहीं निकाला जा रहा है। इससे मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। सरकार को इस बारे में भी सोचना चाहिए। यदि अस्पतालों को आयुष्मान का नियमित भुगतान मिलता रहे तो किसी को दिक्कत नहीं आएगी।