अनुसूचित जाति के एफआर आरक्षण नीति का सही पालन न करने का लगाया आरोप
एचएफएस के तौर पर किए गए प्रमोशन याचिका पर आने वाले फैसले पर होंगे निर्भर
चंडीगढ़। हरियाणा वन विभाग में कार्यरत फॉरेस्ट रेंजर ने आरक्षण की नीति का सही पालन न करने का आरोप लगाते हुए हरियाणा फॉरेस्ट सर्विस (एचएफएस) के तौर पर पदोन्नत करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है और साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि एचएफएस के तौर पर भविष्य में किए गए प्रमोशन याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगे।
याचिका दाखिल करते हुए सुंदर सिंह ने एडवोकेट सलिल देव सिंह बाली के माध्यम से बताया कि वह सिरसा में फॉरेस्ट रेंजर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंनेे बताया कि वह एससी ए वर्ग से हैं और अपनी श्रेणी में वरिष्ठता में सबसे ऊपर हैं। याची ने कहा कि वह एचएफएस के तौर पर पदोन्नति के लिए पूरी तरह से योग्य हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नत नहीं किया जा रहा है। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण का निर्णय लिया था। इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के निर्णय को सही मानते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया था। याची ने बताया कि सरकार अब अपनी ही नीति का पालन नहीं कर रही है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उसे पदोन्नत करने का आदेश दिया जाए। साथ ही याचिका लंबित रहते एचएफएस के तौर होने वाली पदोन्नतियों पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए पदोन्नतियों को याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर कर दिया है।