फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: हरियाणा की बने नई राजधानी, तेज होगा आंदोलन

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा देश का इकलौता राज्य, जिसकी अपनी राजधानी और हाईकोर्ट नहीं : मंच
विज्ञापन


चंडीगढ़। हरियाणा की नई राजधानी और अलग हाईकोर्ट बनाने की मांग तेज हो गई है। गैर राजनीतिक मंच हरियाणा बनाओ अभियान के सदस्य इस मांग को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मंच के सदस्य अब तक 18 जिला बार एसोसिएशनों से मिल चुके हैं। कई विधायक और सांसदों से मुलाकातें हो रही हैं। बहुत जल्द ही मंच के सदस्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर मजबूती से अपनी मांग रखेंगे।
मंच के सदस्य व भारत सरकार के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी एमएस चोपड़ा ने बताया कि देश में हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसकी न तो अपनी कोई राजधानी है और न ही हाईकोर्ट, जबकि हरियाणा राज्य के गठन को पूरे 58 साल हो चुके हैं। हरियाणा के बाद से जो भी प्रदेश बने हैं, उनकी भी अपनी राजधानी बन चुकी हैं। आज हरियाणा का हर व्यक्ति चाहता है कि प्रदेश की राजधानी और हाईकोर्ट अलग होना चाहिए। राजधानी न होने से हरियाणा का विकास नहीं हो रहा है। सिर्फ दिल्ली व चंडीगढ़ से सटे जिलों का ही विकास हो रहा है। चोपड़ा ने कहा कि अगर हरियाणा को अलग राजधानी मिलती है तो प्रदेश का विकास होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही जिस जगह राजधानी बनेगी। उसके आसपास के इलाके का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि किसी बसे बसाए शहर के बजाय नया शहर बसाकर राजधानी बनाई जाए। हरियाणा सरकार को चंडीगढ़ पर भी अपना दावा नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट अलग नहीं होने से हरियाणा के लाखों केस लंबित पड़े हैं। लोगों को सुनवाई करवाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चोपड़ा का कहना है कि हरियाणा ने देश के इतिहास, संस्कृति, सभ्यता व उन्नति में विराट भूमिका निभाई है। मगर राज्य की विरासत व धरोहर को सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की प्रदेश का नया राज्यगीत अपनाने की सोच सराहनीय और सार्थक पहल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें