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हरियाणा में जोनिंग नियम बदलने की तैयारी: अब जमीन पर क्या नहीं कर सकेंगे, सरकार तय करेगी सूची

Sat, 03 Oct 2026 11:12 AM IST
Naveen अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

हरियाणा में आवासीय क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां, औद्योगिक कॉलोनियां, कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र, रीसाइक्लिंग यूनिट, आईटी व साइबर पार्क, डाटा सेंटर, बड़े गोदाम, लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, थोक कारोबार और ट्रांसपोर्ट नगर प्रतिबंधित होंगे।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में शहरों और विकास क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल के नियम बदलने की तैयारी है। सरकार अब हर जोन में कौन-कौन से काम किए जा सकते हैं, इसकी लंबी सूची रखने के बजाय किन गतिविधियों पर रोक होगी, इसकी सूची तय करने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर संबंधित जोन में अन्य काम मौजूदा नीतिगत शर्तों के अनुसार किए जा सकेंगे।

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नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इसके बाद इन पर विचार कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। विकास योजनाओं के व्याख्यात्मक नोट का परिशिष्ट-ए हटाकर परिशिष्ट-बी में नई व्यवस्था शामिल करने का प्रस्ताव है। यह अभी प्रस्तावित व्यवस्था है। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।

आवासीय क्षेत्र में उद्योग से लेकर खनन तक रोक
आवासीय क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां, औद्योगिक कॉलोनियां, कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र, रीसाइक्लिंग यूनिट, आईटी व साइबर पार्क, डाटा सेंटर, बड़े गोदाम, लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, थोक कारोबार और ट्रांसपोर्ट नगर प्रतिबंधित होंगे। एयरपोर्ट, रेलवे यार्ड, बस अड्डे, ट्रक पार्किंग, सीवेज व कचरा प्रबंधन संयंत्र, श्मशान-कब्रिस्तान, बूचड़खाने, डेयरी-पोल्ट्री फार्म, खनन, पत्थर क्रशिंग और खतरनाक कारोबार पर भी रोक रहेगी। व्यावसायिक क्षेत्र में भी औद्योगिक इकाइयां, औद्योगिक कॉलोनियां, कचरा-सीवेज संयंत्र, आईटी पार्क, डाटा सेंटर, बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने, टेनरी, खनन और डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियां प्रतिबंधित प्रस्तावित हैं।
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औद्योगिक और परिवहन जोन के लिए भी तय सीमाएं
औद्योगिक क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों तथा कृषि, बागवानी और डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियों पर रोक होगी। परिवहन एवं संचार क्षेत्र में आवासीय-वाणिज्यिक कॉलोनियों के साथ रेड श्रेणी के उद्योग, कचरे से बिजली संयंत्र, रीसाइक्लिंग, आईटी पार्क, संस्थागत उपयोग और कृषि-डेयरी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्र में उद्योग, आवासीय-वाणिज्यिक कॉलोनियां, बड़े गोदाम व लॉजिस्टिक्स, थोक कारोबार, ट्रांसपोर्ट नगर, कचरा प्रबंधन, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने और कृषि-डेयरी गतिविधियों पर रोक प्रस्तावित है।

खुले और कृषि क्षेत्र में भी कई प्रतिबंध
पब्लिक यूटिलिटी जोन में होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शिक्षण-स्वास्थ्य संस्थान, क्लब, बैंक्वेट हॉल, उद्योग, गैरेज, आईटी पार्क, डाटा सेंटर, गोदाम और लॉजिस्टिक्स पार्क समेत कई गतिविधियां प्रतिबंधित होंगी। खुले क्षेत्र में पार्क, ग्रीन बेल्ट, जल निकाय और खेल गतिविधियों को छोड़कर अधिकांश उपयोग पर रोक होगी। कृषि क्षेत्र में आवासीय-वाणिज्यिक कॉलोनियां, रेड श्रेणी के उद्योग और डाटा सेंटर समेत कुछ आईटी गतिविधियां प्रतिबंधित होंगी। प्राकृतिक संरक्षण और विशेष क्षेत्रों में विकास योजना में अनुमत गतिविधियों के अलावा बाकी उपयोग प्रतिबंधित रहेंगे। विभाग के निदेशक को जनहित में सूची से अलग किसी अन्य गतिविधि पर भी रोक लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। सरकार संबंधित कानून के तहत जरूरत पड़ने पर प्रतिबंध में छूट भी दे सकेगी।

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