हरियाणा सरकार ने एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) कर्मचारियों के लिए निवेश के दो नए विकल्प लागू किए हैं। इसके तहत कर्मचारी पेंशन फंड का अधिक हिस्सा शेयर बाजार से जुड़े निवेश में लगा सकेंगे।
इस निवेश विकल्प में कर्मचारी के एनपीएस अंशदान का 75 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में लगाया जाएगा। यह अनुपात कर्मचारी की 35 वर्ष की आयु तक बना रहेगा। इससे लंबी अवधि में अधिक प्रतिफल (रिटर्न) पाने का अवसर मिल सकता है। 35 वर्ष के बाद जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार में निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे घटाया जाएगा। 55 वर्ष की आयु तक यह 15 फीसदी रह जाएगा। यह विकल्प उन युवा कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है, जो लंबी अवधि के निवेश के साथ बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम उठाने को तैयार हैं।
इस विकल्प के तहत कर्मचारी के एनपीएस अंशदान का 50 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा। यह निवेश अनुपात कर्मचारी की 45 वर्ष की आयु तक बरकरार रहेगा। इससे उसे लंबे समय तक बाजार आधारित प्रतिफल का लाभ मिल सकेगा। इसके बाद उम्र बढ़ने के साथ जोखिम कम करने के उद्देश्य से शेयर बाजार निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे घटाया जाएगा। 55 वर्ष की आयु तक यह 35 फीसदी रह जाएगा। यह योजना उन कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है जो अधिक जोखिम नहीं लेना चाहते, लेकिन बेहतर प्रतिफल चाहते हैं।
जो कर्मचारी डिफॉल्ट निवेश योजना के बजाय अपनी पसंद का निवेश विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें एनपीएस में उपलब्ध पांच गैर-डिफॉल्ट निवेश विकल्पों में से किसी एक का चयन करना होगा। इसके साथ ही उन्हें पीएफआरडीए में पंजीकृत 10 पेंशन फंड मैनेजरों में से किसी एक का चयन करना होगा। इससे कर्मचारी अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश कर सकेंगे।