आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने बताया कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें जिला स्तर पर बैठकों और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इसमें नए गायकों, गीतकारों और म्यूजिक प्रोड्यूसर्स को बुलाया जाएगा।
हरियाणा में अब गानों की भाषा और कंटेंट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। गायक बादशाह के विवादित गाने टटीरी के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग ने प्रदेश के सभी नवोदित गायकों की काउंसलिंग करने का फैसला लिया है। इसका मकसद गानों में बढ़ रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाना है।
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आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने बताया कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें जिला स्तर पर बैठकों और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इसमें नए गायकों, गीतकारों और म्यूजिक प्रोड्यूसर्स को बुलाया जाएगा। इन बैठकों में विशेषज्ञ, समाजशास्त्री और कानूनी जानकार भी शामिल होंगे जो कलाकारों को बताएंगे कि किस तरह की भाषा समाज पर नकारात्मक असर डालती है।
उदाहरणों के जरिए समझाया जाएगा
काउंसलिंग के दौरान गायकों को उदाहरणों के जरिए समझाया जाएगा कि गानों में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल क्यों जरूरी है। साथ ही उन्हें यह भी बताया जाएगा कि विवादित कंटेंट से कानूनी कार्रवाई और सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
पहल से सुधार की काफी उम्मीद
इस पहल का असर धीरे-धीरे देखने को मिल सकता है। खासकर युवा कलाकार जो तेजी से पहचान बनाना चाहते हैं। वे अपनी सामग्री को लेकर ज्यादा सतर्क होंगे। आयोग का मानना है कि यह कदम समाज में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए जरूरी है।
आयोग जारी कर सकता गाइडलाइन
इस पहल के तहत आयोग एक गाइडलाइन भी जारी कर सकता है, जिसमें गानों के लिए स्पष्ट मानक तय होंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मॉनिटरिंग बढ़ाने और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था भी की जा सकती है। स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को सही कंटेंट के प्रति प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, अच्छे और सकारात्मक संदेश देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई जा सकती है, ताकि उन्हें प्रोत्साहन मिले।