कर्मचारियों पर चार्जशीट, बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई का इंतजार
विभाग ने हरियाणा सिविल सेवाएं (दंड एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत ग्रुप-सी के पांच कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किए हैं। इनमें कर्मवीर सिंह, संजीव कुमार, श्रीपाल, राकेश कुमार और विपिन कुमार शामिल हैं। वहीं, इसी मामले में नामित ग्रुप-ए और बी स्तर के अधिकारियों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इनमें अतिरिक्त निदेशक तकनीकी, उप निदेशक, सहायक निदेशक, प्रिंसिपल और अधीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। यही अंतर अब विभागीय कार्रवाई पर सवाल बढ़ा रहा है। कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ी, लेकिन अधिकारियों पर मामला लंबित है।
सरकारी ट्रेनिंग पर फैमिली ट्रिप का आरोप
लेह-लद्दाख का प्रशिक्षण कार्यक्रम जुलाई 2022 में आयोजित किया गया था। गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं विकास संस्थान ने इसे आयोजित किया था। विभाग के 20 अधिकारी और कर्मचारी इसमें शामिल हुए थे। शिकायतकर्ता और ट्रेनिंग आयोजक अनिल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकारी प्रशिक्षण को कई लोगों ने फैमिली ट्रिप में बदल दिया। उनके अनुसार कुछ अधिकारी परिवार और परिचितों के साथ लेह पहुंचे। होटल और भोजन की सरकारी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि निर्धारित मानकों के अनुसार वास्तविक प्रशिक्षण नहीं हुआ।
10 लाख से ज्यादा खर्च, टीए-डीए पर भी सवाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार कार्यक्रम पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च हुए। प्रति प्रतिभागी करीब 66 हजार रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। आरोप है कि प्रशिक्षण मानकों के अनुरूप गतिविधियां नहीं हुईं। इसके बावजूद प्रतिभागियों ने यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता लिया।
मंत्री ने तलब की पूरी फाइल
युवा मामले मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि मामले को संज्ञान में लिया गया है। पूरी फाइल तलब की गई है। अब तक क्या कार्रवाई हुई और आगे की कार्रवाई किस स्तर पर लंबित है, इसकी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई होगी।