फैसले को समर्थन के ताैर पर पेश कर रही इनेलो
इनेलो इस फैसले को अपनी राजनीतिक दलीलों के समर्थन के रूप में पेश कर रही है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया। ऐसा ही खेल अब भाजपा कर रही है। भाजपा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वह विपक्ष की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा ले रही है। इनेलो अब इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाने की तैयारी में है।
पार्टी की रणनीति केवल जेबीटी भर्ती तक सीमित नहीं रहने वाली है। इनेलो भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सरकारी नीतियों और कथित एजेंसी दुरुपयोग जैसे मुद्दों को जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। साथ ही पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय कर संगठन को मजबूत करने का प्रयास भी किया जाएगा।
हरियाणा की राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और जेजेपी के बीच मुकाबले के दौर में इनेलो के लिए जेबीटी भर्ती फैसला निश्चित रूप से एक बड़ा मुद्दा बन गया है। यह फैसला पार्टी को अपने समर्थकों के बीच विश्वास लौटाने का अवसर दे सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इनेलो इस कानूनी राहत को कितना बड़ा राजनीतिक आंदोलन बना पाती है और क्या इससे चौटाला परिवार की सियासी विरासत को फिर से मजबूती मिलती है।
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. आरआर मलिक के अनुसार जेबीटी को लेकर हाईकोर्ट का फैसला इनेलो के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर है। ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला लंबे समय से खुद को राजनीतिक कार्रवाई का शिकार बताते रहे हैं। इस फैसले से उनके समर्थकों को नैतिक मजबूती मिलेगी और उन पर लगे भ्रष्टाचार के दाग को कम करने का मौका मिलेगा।
हालांकि यह इनेलो पर भी निर्भर करेगा कि वे इस हाईकोर्ट के फैसले से निकले संदेश को लोगों तक कैसे लेकर जाती है। यदि इनेलो इस मुद्दे को जनता के बीच प्रभावी ढंग से उठाती है तो पार्टी को राजनीतिक लाभ मिल सकता है।