सीएम सैनी बोले, टॉपरों के के साथ अन्याय हुआ है
विवाद बढ़ने पर सीएम नायब सिंह सैनी भी सीट से उठे और कहा- आज का फैसला हरियाणा के युवाओं के साथ जुड़ा है। युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। जो बच्चा टॉपर था, उसका चयन नहीं किया गया। फ्लूड लगाकर टॉपर को नीचे कर दिया गया। हाईकोर्ट के फैसले से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस राज में नौकरियों में बंदरबांट होती थी। विधानसभा चुनाव में भी युवाओं से 50 वोट लेकर नौकरी देने का वादा किया गया था। इस दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा- वह सरकार से आग्रह करेंगे कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाए, ताकि अभ्यार्थियों को न्याय मिल सके। नौकरियों में भेदभाव करना कांग्रेस का पुराना कल्चर रहा है।
विज की टिप्पणी के पर कांग्रेस वेल तक पहुंचे
बहस के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी अपनी सीट से उठे और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेकर टिप्पणी की। इस पर कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह कादियान, कुलदीप वत्स, अशोक अरोड़ा व गीता भुक्कल भड़क गए। दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि आपकी सरकार में भी तो एमबीबीएस भर्ती घोटाला हुआ है। उसका भी तो जिक्र करो। इस पर सीएम ने कहा- मैंने इसका विस्तार से जवाब दिया है। इस बीच विज फिर से सीट से उठे और दोबारा से अपनी टिप्पणी को दोहराया। उन्होंने कहा- इसमें गलत क्या है। आपको शब्दों का ज्ञान नहीं है। उसके बाद विवाद और बढ़ा और स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने विज की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने के आदेश दिए। इस दौरान कांग्रेस की ओर से विधायक व पूर्व स्पीकर रघुबीर कादियान ने हरविन्द्र कल्याण पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। इस पर स्पीकर कल्याण भड़क गए और कहा- मैं चेयर के प्रति इस तरह की टिप्प्णी सहन नहीं करूंगा। उन्होंने कहा-आपको 51 मिनट मिले थे बोलने के लिए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते तक वेल पहुंचे। स्पीकर ने चेतावनी देते हुए कहा- हाउस में बैठना है तो ठीक ढंग से बैठे। उसके बाद कांग्रेस विधायक वॉक आउट कर गए।
विधायक बोले- मेरे पिता भी गए थे पर्ची लेकर
बहस के बाद भाजपा विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने कहा – मेरे पिता भी हलके के एक गरीब परिवार के बेटे का रोल नंबर लेकर कांग्रेस सरकार के पास गए थे। उन्हें कहा गया अगर आपका कोई भाई-भतीजा है तो पर्ची दे दो, नहीं तो रहने दो। सुनील ने कहा – हमारा कोई भाई-भतीजा नहीं था। लेकिन उस समय उस गरीब परिवार के बच्चे का भी चयन नहीं हुआ।