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Haryana AQI: पांच शहरों की हवा बेहद खराब, एनसीआर में वाले 14 शहरों में ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू

Mon, 15 Dec 2025 08:47 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के कई शहरों का एक्यूआई 250 से 300 से बीच बना हुआ है। छह प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम 345, बल्लभगढ़ 328 और मानेसर 325 है। 
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हरियाणा में प्रदूषण। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के पांच शहरों की हवा सोमवार को बेहद खराब रही है। हालांकि, इनमें शामिल बहादुरगढ़ के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में रविवार के मुकाबले मामूली सुधार दर्ज हुआ है। रविवार को 464 एक्यूआई वाले बहादुरगढ़ में सोमवार को 374 एक्यूआई रहा है। 

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देशभर सबसे गंभीर आबोहवा राजधानी दिल्ली 444, यूपी के ग्रेटर नोएडा 447 और नोएडा के 437 है। यह एक्यूआई गंभीर श्रेणी में माना जाता है। वहीं, दिल्ली एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-4) लागू होने से प्रदेश के 14 जिलों में पाबंदियां जारी है।

प्रदेश से छह प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम 345, बल्लभगढ़ 328 और मानेसर 325 है। इसके अतिरिक्त बेहद खराब श्रेणी (300-400 के बीच) में देश के दो अन्य शहर राजस्थान का जैसलमेर 306 और यूपी का मेरठ 360 है। लगातार तीसरे दिन इन्हीं शहरों की आबोहवा खराब चल रही है। 14 दिसंबर को भी हरियाणा के 5 शहरों की हवा बेहद खराब थी, जिनमें देशभर में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ (464), धारूहेड़ा का 394, पानीपत का 382, मानेसर का 356, जींद का 333 और बल्लभगढ़ का एक्यूआई 313 था।
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इसी तरह 13 दिसंबर को ग्रैप-4 लागू होने के समय देश के 17 बेहद खराब आबोहवा वाले शहरों में हरियाणा के सात शहर शामिल थे। इनमें पानीपत 426 गंभीर श्रेणी में था, जबकि धारूहेड़ा 368, बल्लभगढ़ 356, बहादुरगढ़ 353, मानेसर 351, जींद 332 और गुरुग्राम का एक्यूआई 322 था। इन्हीं शहरों में प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है, कभी-कभी मामूली सुधार के बाद दोबारा से प्रदूषण का स्तर बढ़ जा रहा है।

इसी तरह सोमवार को खराब श्रेणी (200-300के बीच) चरखीदादरी 253, फरीदाबाद 211, फतेहाबाद 295, जींद 215, करनाल 273, कुरुक्षेत्र 218, नारनौल 216, पानीपत 209, रोहतक 281 और सोनीपत 285 एक्यूआई है। जबकि, एक दिन पूर्व 14 दिसंबर को खराब श्रेणी में 9 शहर थे। वहीं, हिसार और यमुनानगर की एक्यूआई रिपोर्ट नहीं जारी हुई हैं।

चंडीगढ़ पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल के मुताबिक लगातार एक तरह की स्थिति बरकरार होने के कारण प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। एनसीआर के अंदर आने वाले हरियाणा के शहरों में प्रदूषण ज्यादा है, इसकी वजह स्थानीय प्रदूषण फैलाने के कारण है।

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