हरियाणा में भी पटाखों की आड़ में किसानों ने पराली को खूब आग लगाई। 31 अक्तूबर को 42 व एक नवंबर को 35 मामले दर्ज किए गए। इससे पहले, 15 अक्तूबर को सबसे अधिक 42 मामले दर्ज किए गए थे। उसके बाद सख्ती बरतने से इसमें कमी देखी गई थी। हरियाणा में अब तक पराली जलाने के कुल 819 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि सरकार का मानना है कि इस बार पराली जलने के मामलों में करीब 35 फीसदी की गिरावट है। पिछले साल एक नवंबर तक 1296 मामले सामने आ चुके थे।
पूरे हरियाणा में पिछली दिवाली के मुकाबले हालात थोड़े बेहतर रहे। पिछले साल के मुकाबले वायु प्रदूषण में इस बार 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल 12 शहरों का एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया था, जबकि इस बार सिर्फ तीन शहरों का एक्यूआई 300 से ऊपर रहा। इसका एक बड़ा कारण कुदरत की मेहरबानी है। दिवाली की रात और अगले दिन हवा की गति मध्यम होने की वजह से प्रदूषण के कण ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। पीजीआई चंडीगढ़ के इन्वायरमेंट हेल्थ के प्रोफेसर डाॅ. रविंद्रा खैवाल ने इसके तीन कारण बताए हैं।
1. इस बार दिवाली पर तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं दर्ज की गई। इससे वायुमंडलीय सतह ऊपर है, जिससे प्रदूषण के कणों को ज्यादा जगह मिलती है।
2. हवा की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। इसकी दिशा उत्तर पश्चिमी होने के कारण हवा के साथ प्रदूषण के कण बह गए।
3. एक साथ कई छुट्टियों की वजह से वाहनों की सक्रियता में भी कमी आई है। इससे प्रदूषण का स्तर घटा है।
शहर 2023 2024
अंबाला 112 367
रोहतक 383 268
कैथल 361 255
फतेहाबाद 322 197
हिसार 303 255
जींद 344 286
बल्लभगढ़ 337 218
धारूखेड़ा 343 216
फरीदाबाद 370 202
गुरुग्राम 349 309
कुरुक्षेत्र 307 306
मानेसर 328 244
पानीपत 311 211
सिरसा 246 207
बहादुरगढ़ 281 269
भिवानी 279 247
करनाल 251 259
सोनीपत 254 290
यमुनानगर 259 282
दिल्ली में आदेश का पालन कराने की तमाम कोशिशें रहीं विफलदिवाली के दौरान और उसके बाद प्रदूषण में बढ़ोतरी से निपटने के प्रयास में, दिल्ली सरकार ने लगातार पांचवें साल पटाखों पर व्यापक प्रतिबंध लगाया था, जिसके तहत उनके निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। दिल्ली सरकार ने प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए 377 प्रवर्तन दल भी स्थापित किए थे और स्थानीय संघों के माध्यम से जागरूकता फैलाई थी। पड़ोस की निगरानी के लिए पुलिस दल तैनात किए गए थे, अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन कोई भी कदम काम नहीं किया।
देश के सबसे साफ शहर इंदौर में दिवाली की आतिशबाजी के बाद शुक्रवार को एक्यूआई 400 पार कर गंभीर श्रेणी में चला गया। शहर के छोटी ग्वालटोली इलाके में दोपहर 12 बजे 404 एक्यूआई रहा। शहर में पीएम 10 का औसत स्तर 318.08 रहा।
दिवाली के जश्न के कारण तमिलनाडु के तूतुकूड़ी शहर में एक हजार टन से अधिक कचरा निकला। अधिकारियों ने बताया कि थूथुकुडी निगम के सभी 60 वार्डों में, खास तौर पर दिवाली के दिन ही, कचरा जमा हो गया है। सफाई कर्मचारी सुबह से इस कचरे को हटाने के लिए काम कर रहे हैं।
देहरादून में शुक्रवार को एक्यूआई पांच गुना बढ़कर 288 पर पहुंच गया। दिवाली से पहले न्यूनतम एक्यूआई 56 था। दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाजी से पहाड़ों की रानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई।