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Chandigarh-Haryana News: सीएचसी में रखे जाएंगे स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञ

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एनएचएम के माध्यम से होगी भर्तियां, प्रत्येक सीएचसी को कवर करने का लक्ष्य
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राज्य में सीनियर डॉक्टरों के 425 और मेडिकल ऑफिसरों के 550 पद खाली
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य की सभी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति करने का लक्ष्य तैयार किया है। यह नियुक्तियां नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के माध्यम से की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला सिविल सर्जनों को इन पदों के विज्ञापन जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे में अब सिविल सर्जनों की ओर से विज्ञापन जारी करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की ओर से इसकी सैलरी भी तय कर दी गई है। एमबीबीएस के साथ डिप्लोमा को एक लाख और एमबीबीएस के साथ एमडी व डीएनबी को डेढ़ लाख रुपये सैलरी पर रखने का लक्ष्य रखा गया है।
हरियाणा में सीनियर डॉक्टरों की 425 और मेडिकल ऑफिसरों के करीब 550 पद खाली हैं। इससे न सिर्फ सिविल अस्पताल बल्कि सीएचसी का भी कार्य प्रभावित हो रहा है। डॉक्टरों की कमी से वजह से सीएचसी में आने वाले मरीजों को सिविल अस्पताल की ओर से रुख करना पड़ता है। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ती है।
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ऐसे में सरकार ने अब सभी सीएचसी व एसडीसीएच में स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञों की भर्ती करने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि हमारा मुख्य मकसद लोगों को उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं देने का है। इसीलिए सरकार ने पहले चरण में प्रत्येक सीएचसी पर एक स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। इनकी नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से होगी।
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मातृत्व मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने का लक्ष्य

हरियाणा सरकार ने मातृत्व मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि पहले के मुकाबले इसमें सुधार हुआ है। इसी साल आए आंकड़ों के मुताबिक राज्य में मातृ मृत्यु दर एक लाख डिलीवरी पर 106 थी जो अब 89 पर आ गई है और जो राष्ट्रीय औसत से सिर्फ दो अंक पीछे है। इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में फर्स्ट रेफरल यूनिट की संख्या बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा है ताकि जोखिम भरी डिलीवरी को घर के पास ही इलाज मिल सके। सरकार की कोशिश हर विधानसभा में एक फर्स्ट रेफरल यूनिट खोलने का लक्ष्य तय किया है।
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