कबाड़ घोषित सामग्री को मरीजों के वार्ड, स्टोर रूम या अस्पताल परिसर में नहीं रखा जाएगा
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर में सालों से पड़े खराब सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसा सामान अस्पतालों में अनावश्यक जगह घेर रहा है और स्वच्छता व सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहा है।
स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक (डीजीएचएस) की ओर से सभी सिविल सर्जनों और जिला अस्पतालों के प्रमुखों को जारी आदेश में इस अभियान को विशेष प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है। विभाग के अनुसार कई अस्पतालों में लंबे समय से खराब उपकरण, पुराना फर्नीचर और अनुपयोगी सामग्री रखी है जिससे मरीजों की देखभाल, दवाओं के भंडारण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए उपलब्ध स्थान प्रभावित हो रहा है। ऐसे कबाड़ और बेकार सामान से अस्पतालों में गंदगी बढ़ने के साथ-साथ चूहे, कीट और अन्य जीव पनप सकते हैं जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन सभी अनुपयोगी वस्तुओं की पहचान कर निर्धारित नियमों के तहत उन्हें कबाड़ घोषित कर इनके निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करे। कबाड़ घोषित सामग्री मरीजों के वार्ड, गलियारों, स्टोर रूम या अस्पताल परिसर के अन्य हिस्सों में नहीं रखी जाएगी। विभाग ने इस प्रक्रिया में संपत्तियों के सत्यापन, रिकॉर्ड के रखरखाव और ऑडिट नियमों के अनुरूप दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने को भी कहा है।