विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर विशेष
राज्य में स्थायी खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं, खाद्य सुरक्षा सूचकांक में रैकिंग गिरती जा रही
आबादी के हिसाब से अब राज्य को कम से कम 70 खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जरूरत
चंडीगढ़। हरियाणा में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा। बाजारों, स्कूलों, होटलों और रेस्टोरेंट में लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं दिखती। राज्य में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के सभी 45 पद खाली पड़े हैं। काम चलाने के लिए प्रतिनियुक्ति पर पशु चिकित्सक व स्वास्थ्य विभाग के डेजिग्नेटेड (नामित) अधिकारियों को लगाया गया है। पर्याप्त मात्रा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं होने से कई जिलों के सैंपलिंग का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा। वहीं, खाद्य सुरक्षा सूचकांक में हरियाणा की रैंकिंग लगातार गिरती जा रही है। स्थिति यह है कि 20 बड़े राज्यों की सूची में हरियाणा को टॉप-15 में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
1966 में जब हरियाणा का निर्माण हुआ तो तब खाद्य सुरक्षा के लिए 45 अधिकारियों के पद सृजित किए गए थे। आज के हरियाणा में कम से कम 70 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की आवश्यकता है। लेकिन, प्रदेश में खाद्य सुरक्षा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1992 से नई भर्ती नहीं हुई है। जो अधिकारी तैनात थे, वे भी धीरे-धीरे सेवानिवृत्त हो गए। 45 अधिकारियों का काम 12 लोगों से काम चलाया जा रहा है। राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए नौ पशु चिकित्सक और तीन डेजिग्नेटेड अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया है। इनमें से अधिकतर अधिकारियों के पास दो-दो जिलों का जिम्मा है। इनमें से एक से दो अधिकारियों की ड्यूटी वीवीआईपी मूवमेंट के साथ रहती है।
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हर पांचवां डेयरी उत्पाद फेल
खाद्य सुरक्षा विंग के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में कुल 4418 सैंपल लिए गए, जिनमें से 382 फेल हो गए। डेयरी उत्पाद यानी दूध, पनीर व दही के कुल 839 सैंपल लिए गए, जिनमें से 177 सैंपल फेल पाए गए। खाद्य तेल के 412 में से 28 सैंपल फेल मिले। फल व सब्जियों के 77 सैंपल लिए गए, जिनमें से 9 फेल हो गए। बेकरी के 74 सैंपल लिए गए, जिनमें से 9 फेल मिले। मीट के 12 में से एक और मिठाइयों के 989 में से 57 सैंपल फेल मिले।
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खाद्य सुरक्षा सूचकांक में हरियाणा की स्थिति
साल रैंक
2023-24 16
2022-23 12
2021-22 13
2020-21 12
2019-20 16
13 जिलों में सैंपलिंग के लक्ष्य पूरे नहीं
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मुताबिक हर महीने 15 सैंपल लेने की सलाह दी जाती है। इस हिसाब से साल में प्रत्येक जिले में कम से कम से 180 सैंपलिंग होनी चाहिए। मगर 22 में से 13 जिलों का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। हालांकि कुछ जिलों में दोगुने से ज्यादा सैंपल लिए गए हैं।
जिला सैंपलिंग फेल
अंबाला 164 19
भिवानी 306 15
दादरी 131 0
फरीदाबाद 231 37
फतेहाबाद 441 7
गुरुग्राम 449 59
हिसार 273 24
झज्जर 218 3
जींद 133 7
कैथल 135 9
करनाल 141 0
कुरुक्षेत्र 131 8
महेंद्रगढ़ 122 19
मेवात 167 45
पलवल 155 16
पानीपत 124 13
पंचकूला 130 11
रेवाड़ी 132 33
रोहतक 225 17
सिरसा 376 15
सोनीपत 123 24
यमुनानगर 111 1
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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है। हमारी कोशिश है कि सभी खाली पद जल्द से जल्द पद भरे जाएं। साथ ही जो अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए हैं, उनके स्थान भी बदल रहे हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आरती राव, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा