ज्योति ने बताया कि वह राणा शहबाज और शाकिर से भी मिली। उसने शाकिर का मोबाइल नंबर भी लिया और अपने मोबाइल में जट रंधावा के नाम से सेव कर लिया ताकि किसी को शक न हो। वापस भारत आने के बाद व्हाटस एप, स्नैप चैट, टेलिग्राम के माध्यम से उन लोगों के संपर्क में रहने लगी। देश विरोधी सूचनाएं उन तक पहुंचाने लगी।
ज्योति ने पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तानी इंटेलीजेंस आप्रेटिव के संपर्क में भी है। बता दें कि अहसान उर रहीम उफ दानिश को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने जासूसी के आरोप में पर्सन नोन ग्राटा घोषित किया हुआ है। ज्योति को भी पर्सन नोन ग्राटा घोषित किया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार दोपहर बाद उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।