देश की बिजली वितरण कंपनियों की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग रिपोर्ट में हरियाणा की दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएन) को डाउन-ग्रेड किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक डीएचबीवीएन को इस बार 74.44 अंक के साथ एक ग्रेड मिला है, जबकि पिछले 13वें रेटिंग चक्र में निगम को 87.59 अंक के साथ एक प्लस ग्रेड प्राप्त था। यह रिपोर्ट पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किया है।
रेटिंग रिपोर्ट बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति, बिजली आपूर्ति, बिलिंग-कलेक्शन, घाटा, उपभोक्ता सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता जैसे कई पैमानों पर मूल्यांकन करती है। इन्हीं मानकों पर डीएचबीवीएन का स्कोर पिछली बार की तुलना में काफी नीचे आया है, जिससे हरियाणा की बिजली व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक डीएचबीवीएन के लिए लाइन लॉस, बिल वसूली में कमजोरी, बढ़ता घाटा और उपभोक्ता शिकायतों का समय पर समाधान न होना बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती, फॉल्ट ठीक करने में देरी और स्मार्ट मीटर जैसे प्रोजेक्ट्स की धीमी रफ्तार भी रेटिंग गिरने के अहम कारण माने जा रहे हैं।
रिपोर्ट में जहां गुजरात की चारों डिस्कॉम लगातार ए प्लस ग्रेड में टॉप पर बनी हुई हैं, वहीं हरियाणा की यह प्रमुख डिस्कॉम पीछे फिसल गई है। रिपोर्ट में यह अंतर बताता है कि बेहतर प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन से बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
पड़ोसी राज्यों की तुलना में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को 14वीं रेटिंग में 89.22 अंक और ए प्लस ग्रेड मिला है, जो पहले से बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (एचपीएसईबीएल) को 53.69 अंक के साथ बी ग्रेड मिला है, जो हरियाणा से कमजोर स्थिति रही है। वहीं राजस्थान की डिस्कॉम्स जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में अधिकतर बी या बी माइनस ग्रेड में हैं और कुछ का प्रदर्शन गिरा भी है। इन राज्यों की तुलना में डीएचबीवीएन अभी मध्यम स्थिति में है।