अंबाला सांसद वरुण चौधरी के सवाल पर केंद्र सरकार ने दी जानकारी
अधिकारियों की लापरवाही से 5 करोड़ रुपये की ग्रांट हुई वापस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 17वीं लोकसभा में हरियाणा के नौ लोकसभा क्षेत्र के लिए 17-17 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी हुई। मगर अंबाला संसदीय क्षेत्र के लिए 17 करोड़ की बजाय 12 करोड़ रुपये ही मंजूर हुए। इनमें से भी सिर्फ सात करोड़ रुपये के ही विकास कार्य हो पाए। यह जवाब अंबाला सांसद वरुण चौधरी के सवाल पर केंद्र सरकार ने दिया है।
सांसद वरुण चौधरी का कहना है कि अंबाला संसदीय क्षेत्र के लिए स्वीकृत हुई 12 करोड़ रुपये की ग्रांट में से भी पांच करोड़ रुपये अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इस्तेमाल नहीं हो पाए। बाकी पांच करोड़ की ग्रांट इसलिए नहीं मिल पाई, क्योंकि क्षेत्र के सांसद रतनलाल कटारिया लंबे समय तक बीमार थे और उनके निधन के बाद यह सीट लगभग एक साल तक खाली रही। इस वजह से एमपी लैंड के तहत मिलने वाली ग्रांट का उपयोग क्षेत्र में नहीं हो पाया।
सांसदों को हर साल पांच करोड़ रुपये की ग्रांट मिलती है। रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, करनाल, भिवानी-महेंद्रगढ़, गुरुग्राम व फरीदाबाद संसदीय क्षेत्रों में 17-17 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली। 17वीं लोकसभा के दौरान कोरोना भी फैला था इसलिए सांसदों को 2021-22 के लिए पांच करोड़ की बजाय दो करोड़ रुपये की ग्रांट ही मिली थी।