कांग्रेस मेयर और नगर निगम पार्षद का चुनाव सिंबल पर लड़ेगी। नगर परिषद और नगर पालिका चुनाव के लिए पार्टी अभी तय नहीं कर पाई है। वहीं, पाटी ने एक मत से ईवीएम से निकाय चुनाव करवाने का विरोध जताया है। पार्टी जल्द ही इस बारे में राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात करेगी और निकाय चुनाव बैलेट पेपर से करवाने की मांग करेगी। पाटी ने यह फैसला दिल्ली में आयोजित प्रदेश कांग्रेस की बैठक में लिया है।
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान ने बताया, बैठक में शामिल सभी लोगों ने अपने-अपने सुझाव दे दिए हैं। इन सुझावों पर विचार करने के बाद ही सर्वसम्मति से फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा- फिलहाल मेयर और नगर निगम के पार्षदों का चुनाव सिंबल पर लड़ा जाएगा। परिषद और पालिका के चुनाव को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। इस बारे में शनिवार तक फैसला ले लिया जाएगा।
उन्होंने बताया, बैठक में कई लोगों ने नाराजगी जताई है कि वार्डबंदी में एससी सीट घटा दी गई है। इससे लोगों में काफी नाराजगी है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत से शिकायत आई है कि नई वार्ड बंदी में एससी सीटों की संख्या में कमी की गई है। इससे लोगों में काफी गुस्सा है। निकाय चुनाव में लोग अपना गुस्सा निकालने वाले हैं। बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद वरुण मुलाना, विधायक आफताब अहमद, अशोक अरोड़ा, विधायक गीता भुक्कल समेत कई नेता मौजूद रहे।
उत्तराखंड में बैलेट पेपर से तो हरियाणा में क्यों नहीं
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने बताया, अभी हाल ही में उत्तराखंड में निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं। ये चुनाव बैलेट पेपर से किए गए हैं। जब उत्तराखंड में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकते हैं तो हरियाणा में क्यों नहीं। ईवीएम को लेकर हर जगह सवाल उठ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस चल रहे हैं। लोगों का विश्वास उठ चुका है। ऐसे में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाएं। अंबाला सांसद वरुण मुलाना ने भी कहा है कि दूध का दूध और पानी का पानी करना है तो चुनाव बैलेट पेपर से ही करवाए जाने चाहिए।