इसलिए विज से करवाया अनुमोदन
सैनी के नाम का अनुमोदन अनिल विज से करवाने के पीछे अमित शाह की सोची समझी रणनीति है। इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं। एक तो वह भाजपा के सबसे सीनियर विधायक हैं। वह सातवीं बार चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं। जब सीनियर विधायक सैनी के नाम आगे रखेंगे तो किसी अन्य को कोई आपत्ति नहीं होगी। वहीं, अनिल विज भी सीएम पद की दावेदारी पेश करते आए हैं। मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई। ऐसे में उनकी ओर से नाम रखे जाने की रणनीति यही थी कि सीएम पद को लेकर किसी तरह कोई कयासबाजी न लगाई जाए। सैनी का नाम प्रस्ताव नरवाना के विधायक कृष्ण कुमार बेदी ने रखा था। वह दलित समुदाय से आते हैं। दलितों ने इस बार भाजपा को अच्छा खासा समर्थन दिया है। ऐसे में बेदी के जरिये पार्टी दलितों को संदेश देना चाहती है कि भाजपा की सरकार में ही उनके प्रतिनिधि को सम्मान मिलता है।