फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: चिराग योजना... सीटों के आवंटन में हिसार सबसे आगे, पंचकूला पीछे

विज्ञापन
विज्ञापन
कुलदीप शुक्ला
विज्ञापन

चंडीगढ़। प्रदेश में चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों में गरीब व जरूरतमंद छात्रों के लिए 47,250 सीटों का आवंटन किया गया है जिसमें हिसार सबसे आगे और गुरुग्राम व पंचकूला सबसे पीछे हैं। शिक्षा विभाग ने खासतौर पर 9वीं से 12वीं कक्षाओं पर फोकस किया है ताकि उच्च कक्षाओं की पढ़ाई के लिए ज्यादा छात्रों को लाभ मिल सके। ग्रामीण व शैक्षणिक रूप से कमजोर जिलों में सीटें अधिक दी गई हैं जबकि शहरी जिलों में अपेक्षाकृत कम सीटें आवंटित हुई हैं। शिक्षा निदेशालय निजी स्कूलों की सहमति के बाद ही सीटें आवंटित करता है।
सबसे ज्यादा 6404 सीटें हिसार जिले में आवंटित हुई हैं। यहां सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं की 3936 सीटें हैं। इसके बाद भिवानी 4839 और कैथल 3612 सीटों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर है। पानीपत जिले में 3 हजार से अधिक, जींद में 2747, करनाल में 2326 और फतेहाबाद में 2258 सीटें आवंटित की गई हैं। इन जिलों में सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं की सीटें सबसे ज्यादा हैं। सीनियर सेकेंडरी की भिवानी में 2829 और कैथल में 2875 सीटें आवंटित हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंचकूला, गुरुग्राम व फरीदाबाद में सीटों की संख्या कम
चिराग योजना में सबसे कम 200 सीटें पंचकूला जिले में आवंटित की गई हैं। गुरुग्राम में 461 और फरीदाबाद में 698 सीटें आवंटित हुई हैं। इसके अलावा चरखी दादरी में 897 और रेवाड़ी में 800 से अधिक सीटें रखी गई है। अंबाला में 1192, झज्जर में 1363 सीटें आवंटित हुई हैं। कम सीटों वाले जिलों में भी सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं की सीटें ही ज्यादा हैं। शिक्षा निदेशालय ने हिसार, भिवानी, नूंह, फतेहाबाद जैसे जिलों में ज्यादा सीटें देकर शैक्षणिक संतुलन बनाने की कोशिश की है। योजना का फोकस सीनियर सेकेंडरी शिक्षा (9वीं–12वीं) पर है। अधिकांश जिलों में 60 से 70 फीसदी सीटें इसी श्रेणी में दी गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें