अवैध निर्माण वाली शामलात भूमि को बाजार मूल्य पर बेचने की शर्त हटेगी
हरियाणा सरकार अवैध निर्माण वाली शामलात देह भूमि को गांव के निवासियों को बेचने के लिए ग्राम पंचायतों पर लगाए गए बाजार दर पर बेचने की शर्त को खत्म करने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश करेगी। विधानसभा ने बीते साल नवंबर में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) अधिनियम में संशोधन किया था, जिससे शामलात भूमि पर 31 मार्च 2004 या उससे पहले तक 500 वर्ग गज (खुली जगह सहित) के बने निर्माण को कब्जेधारियों को मालिकाना हक देने की मंजूरी दी थी। मगर इसमें यह भी शर्त थी कि मालिकाना हक देते समय जमीन का रेट बाजार के रेट से कम नहीं होगा। अब सरकार ने महसूस किया कि प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में गांव की जमीनों के लिए बाजार दर निर्धारित करना मुश्किल होगा। ऐसे में ग्राम पंचायत को सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर ऐसी जमीन बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसलिए कानून में संशोधन लाया जा रहा है।
अवैध इमिग्रेशन पर शिकंजा कसने वाला ट्रैवल एजेंट विधेयक वापस लेगी हरियाणा सरकार
पिछले साल अवैध इमिग्रेशन के लिए लोगों को धोखा देने वाले ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसने के लिए हरियाणा सरकार ने पिछले साल हरियाणा रजिस्ट्रेशन और ट्रैवल एजेंट का विनियमन विधेयक, 2024 पारित किया था। अब सरकार ने इस विधेयक को वापस लेने का निर्णय लिया है। हरियाणा सरकार ने इस बिल को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए गृह मंत्रालय के पास भेजा था। गृह मंत्रालय ने पर्यटन मंत्रालय व कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की आपत्ति पर राज्य सरकार से टिप्पणियां मांगी थी। राज्य सरकार इसका जवाब भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी तीन नए आपराधिक कानून आ गए। जबकि विधेयक में पुराने कानूनों का प्रावधान किया था। साथ ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय से विधेयक को वापस करने का अनुरोध किया है। हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, अब सरकार विधेयक में नए कानूनों के प्रावधानों को शामिल करने के साथ-साथ भारत सरकार की टिप्पणियों को जवाब देने के बाद नया विधेयक पेश किया जाएगा। यदि विधेयक तैयार हुआ तो सरकार इसी सत्र में ही नया बिल पेश कर देगी।