भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ रेखा शर्मा
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भाजपा ने राज्यसभा उपचुनाव में रेखा शर्मा के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया है। राज्यसभा के उम्मीदवारों की दौड़ में उनका नाम कहीं नहीं था। वह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकी हैं और कई दशकों से भाजपा से जुड़ी रही हैं।
रेखा शर्मा मंगलवार को नामांकन भरेंगी। उनका जीतना तय है, क्योंकि भाजपा के पास जीत के लिए पर्याप्त नंबर हैं। नामांकन के दौरान पार्टी ने अपने सभी मंत्रियों व विधायकों को चंडीगढ़ में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
कृष्ण लाल पंवार के कैबिनेट मंत्री बनने से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए 20 दिसंबर को चुनाव होना है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से ही रेखा शर्मा के नाम पर मुहर लगी है। राज्यसभा के दावेदारों की दौड़ में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। इसमें प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, पूर्व सांसद संजय भाटिया, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई व पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल शामिल थी।
निर्विरोध चुना जाना तय, कांग्रेस नहीं उतारेगी उम्मीदवार
रेखा शर्मा का राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना जाना तय है। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के पास 48 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी प्राप्त है। उधर, कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारने से मना कर दिया है। उनके पास केवल 37 विधायक हैं। दो दिन पहले ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि राज्यसभा के लिए यदि दो सीटें होती तो वह अपना उम्मीदवार जरूर उतारते। यह दूसरा मौका है, जब कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इससे पहले जब किरण चौधरी को राज्यसभा के लिए चुना गया था तो उस दौरान भी कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा था।