जांच के दायरे में आए अधिकारियों में हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) में तैनात एक अधिकारी की सबसे अधिक चर्चा है। बताया जा रहा है कि सीबीआई उनसे पहले ही कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी के पास इस अधिकारी से जुड़े कुछ अहम साक्ष्य भी मौजूद हैं जिनकी जांच की जा रही है।
बैंक घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लगातार कार्रवाई से हरियाणा की अफसरशाही में हड़कंप मचा है। मामले में अब तक दो आईएएस अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में तीन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठा सकती है। इस संभावना ने विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
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हरियाणा सरकार ने इस मामले में सीबीआई को आठ अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दी थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने कई अधिकारियों से पूछताछ का दौर शुरू किया और महत्वपूर्ण दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों को खंगाला। जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है और कई अधिकारियों की भूमिका को लेकर एजेंसी गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
जांच के दायरे में आए अधिकारियों में हरियाणा पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) में तैनात एक अधिकारी की सबसे अधिक चर्चा है। बताया जा रहा है कि सीबीआई उनसे पहले ही कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी के पास इस अधिकारी से जुड़े कुछ अहम साक्ष्य भी मौजूद हैं जिनकी जांच की जा रही है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी अब कभी भी हो सकती है। इसके अलावा प्रदूषण विभाग में तैनात एक अधिकारी पर भी सीबीआई की नजर बनी हुई है।
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पंचायत विभाग में तैनात रहे एक अधिकारी की भूमिका भी जांच एजेंसी के रडार पर है और उनके खिलाफ भी शिकंजा कसने की तैयारी की बात कही जा रही है। सीबीआई की लगातार कार्रवाई और बढ़ती जांच के दायरे ने अधिकारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। कई अधिकारी अनौपचारिक बातचीत में यह तक कह रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें अब सामान्य प्रशासनिक निर्णय लेने और काम करने में भी डर महसूस होने लगा है।
सीएम से मिल अधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
आईडीएफसी व एयू स्मॉल बैंक घोटाले के मामले में सीबीआई ने जिन आठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत अनुमति मांगी थी, उनमें से पांच अधिकारियों ने 22 जून को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। हालांकि उसके कुछ घंटे बाद सीबीआई ने आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले अधिकारियों ने वित्त विभाग की गाइडलाइंस, बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया और निर्णय लेने की परिस्थितियों को लेकर अपना पक्ष रखा।