- 272 ठेकों में सबसे ज्यादा यमुनानगर के 35 जोन के 70 ठेके शामिल
- गैंगस्टरों की दहशत के बीच पुलिस का आश्वासन भी बेअसर, सामने तक नहीं आ रहे ठेकेदार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बार-बार चेतावनी के बावजूद गैंगस्टर, बदमाशों और उनके गुर्गों ने अभी तक हरियाणा नहीं छोड़ा। इसका राज्य में आए दिन हो रहे गोलीकांड और मुठभेड़ में बदमाशों की धर-पकड़ अहम सबूत है। इसके विपरीत सुरक्षा के बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कई जिलों के शराब कारोबारियों ने कारोबार जरूर छोड़ दिया है। डेढ़ माह में पांच से छह बार नीलामी कराने, बाहरी ठेकेदार आमंत्रित करने और बेस-प्राइज गिराने के बावजूद 272 ठेकों को ठेकेदार तक नहीं मिल रहे हैं।
प्रदेशभर में 10 से 12 मई के बीच शराब ठेकों की नीलामी शुरू हुई थी। नई आबकारी नीति लागू होने से पहले बेस-प्राइज पर ठेकों की बिक्री करनी होती है। नीति लागू होने के 15 दिन बाद भी 12 जिलों के 136 जोन के 272 ठेकों को खरीदार तक नहीं मिले हैं। 25 जून को यमुनानगर में 10 जोन के 20 और उससे पूर्व रोहतक में चार जोन के आठ ठेके बिके हैं।
आश्वासनों पर भारी गैंगस्टरों की दहशत
इस डेढ़ माह के अंदर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शराब कारोबारियों को दो बार सुरक्षा का आश्वासन देने के अलावा पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्ती के निर्देश दे चुके हैं। जींद हत्याकांड के बाद पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने भी जिले में पहुंचकर मोर्चा संभाला और अधिकारियों को गाइड किया। इतना ही नहीं प्रदेश की गृह सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को ठेकेदारों के पास जाकर उन्हें सरकार पर भरोसा बढ़ाने की दिशा में काम सौंपा। आबकारी विभाग के अधिकारी भी ठेकेदारों को मनाने के लिए जूझ रहे हैं। इसके बावजूद गैंगस्टरों की दहशत पुलिस और आबकारी विभाग के सभी आश्वासनों पर भारी पड़ती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा के जीटी बेल्ट में शराब ठेकों में गैंगस्टर काला राणा गैंग का हस्तक्षेप लगातार रहता है। इधर के ठेकों की नीलामी से पहले ही गैंगस्टरों की एंट्री हो गई। लगातार मिल रही धमकियों से कारोबारी भी नीलामी से बच रहे हैं।
किस जिले में कितने ठेके नहीं बिके
जिला - ठेके
यमुनानगर- 70
हिसार - 32
सिरसा - 60
फतेहाबाद - 04
करनाल - 12
कैथल - 12
सोनीपत - 20
रोहतक - 24
झज्जर - 08
जींद - 08
महेंद्रगढ़ - 12
पानीपत - 10
बोली नहीं लगने के कई और कारण : सीएम
सीएम नायब सैनी ने चंडीगढ़ में कहा कि शराब के ठेकों की बोलियां नहीं लगने के पीछे और भी कई कारण हैं। कानून व्यवस्था को लेकर बोले कि उनकी सरकार सबको सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके लिए पुलिस तत्परता से कार्य कर रही है और कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।