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फिर भड़के अनिल विज: सीएम सैनी के मित्र की चित्रा सरवारा के साथ फोटो पोस्ट की, पूछा-यह रिश्ता क्या कहलाता है

Mon, 03 Feb 2025 10:42 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अनिल विज पिछले कई दिन से सीएम नायब सैनी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। वे पहले भी कई बार सीएम पर निशाना साध चुके हैं।
 
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अनिल विज ने फिर साधा सीएम नायब सैनी पर निशाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंबाला छावनी के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अंदरूनी गड़बड़ियों को लेकर एक बार फिर मामले ने तूल पकड़ लिया है। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भापजा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष आशीष तायल पर सवाल उठाए हैं। 
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विज ने सोशल मीडिया के अपने अधिकृत अकाउंट पर पोस्ट डाली है जिसमें सीएम नायब सैनी के मित्र आशीष तायल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। विज ने कहा है कि आशीष तायल जो खुद को नायब सैनी का मित्र बताते हैं उनकी फेसबुक पर नायब सैनी के साथ अनेकों चित्र मौजूद हैं। 

आशीष तायल के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान जो कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं वहीं कार्यकर्ता भाजपा की विरोधी उम्मीदवार चित्रा सरवारा के साथ भी नजर आ रहे हैं। विज ने आगे सवाल उठाते हुए लिखा है कि ये रिश्ता क्या कहता है। उन्होंने लिखा है कि नायब सैनी के परम मित्र बने हुए हैं तो फिर प्रश्न उठता है कि भाजपा उम्मीदवार (अनिल विज) की मुखालफत किसने कराई। 
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अनिल विज पिछले चार दिनों से अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने मीडिया में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ कई बयान दिए हैं।
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सरकार पर लगातार हमलावर हैं विज

हरियाणा सरकार के परिवहन मंत्री अनिल विज लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। विज सरकार में उनकी सुनवाई न होने और उनके आदेशों की अनुपालना न होने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। 

इससे पहले विज ने कहा था कि वह किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तरह आमरण अनशन कर सकते हैं। विज ने कहा था कि वह अब जनता दरबार के बाद ग्रेवियांस कमेटी की मीटिंग में नहीं जाएंगे। इसके बाद उन्होंने सीएम सैनी को कहा कि जब से वे मुख्यमंत्री बने हैं उस दिन से उड़न खटोले पर सवार हैं, नीचे उतरे तो जनता के दुख दर्द को देखें।

विज की नाराजगी के बाद अचानक से भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की तरफ तीन दिन पहले आशीष तायल को अचानक से कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था, मगर उनकी सदस्यता अभी तक बरकरार है। 

चुनाव में विपक्षियों से मिलने का लगाया था आरोप

मंत्री विज ने विधानसभा चुनाव के बाद एक कार्यक्रम में मंच से आरोप लगाया था कि कुछ अपने ही लोगों ने गद्दारी की है। कार्यकर्ताओं को विपक्षी के समर्थन को कहा है। इसको लेकर उनके पास पूरे सुबूत हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए विज ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लिखकर भी दिया है मगर अभी तक कोेई कार्रवाई नहीं हुई। इधर उन्होंने हाल ही में यह तक कहा था कि पहले तो उन्हें शक था कि इस मामले में कोई नेता शामिल है मगर कार्रवाई न होने से यह शक विश्वास में तब्दील हो गया है।
 

पहले भी हो चुकी है तकरारबाजी

अनिल विज और सीएम नायब सैनी के बीच पहले भी इस तरह की तकरारबाजी देखी जा चुकी है। इससे पहले मनोहर लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे तब भी दोनों के बीच दखलअंदाजी रहती थी। 12 मार्च 2024 में जब मनोहर लाल ने कैबिनेट मीटिंग में घोषणा की थी कि वह मुख्यमंत्री का पद छोड़ रहे हैं और कार्यकारी जिम्मेदारी नायब सिंह सैनी को सौंप रहे हैं तब अनिल विज ने नराजगी जाहिर करते हुए बैठक के बीच से उठकर चले गए थे। इसके बाद उन्हें मनाने के लिए खुद नायब सैनी विज के घर पर गए थे। 
 
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