15% सीटें ऑल इंडिया कोटे में जाएंगी, निजी संस्थानों में 50% राज्य और 50% प्रबंधन कोटा
दाखिले के बाद विद्यार्थी ने कोर्स छोड़ दिया तो उसे पूरी ट्यूशन फीस का भुगतान करना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएएमएस और बीएचएमएस में दाखिले की प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दाखिले नीट-यूजी-2026 की मेरिट के आधार पर ऑनलाइन केंद्रीकृत काउंसलिंग से होंगे। काउंसलिंग श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र कराएगा। सभी संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों में से 15 फीसदी सीटें ऑल इंडिया मेरिट कोटे से भरी जाएंगी। शेष 85 फीसदी सीटों में निजी संस्थानों के लिए 50 फीसदी राज्य कोटा और 50 फीसदी प्रबंधन कोटा रहेगा। प्रबंधन कोटे की सीटों में 15 फीसदी एनआरआई श्रेणी के लिए निर्धारित हैं। वहीं, दाखिले के बाद विद्यार्थी ने कोर्स छोड़ दिया तो उसे पूरी ट्यूशन फीस का भुगतान करना होगा।
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में से 50 फीसदी सीटें वंचित अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहेंगी। राज्य कोटे की पांच फीसदी सीटें दिव्यांगजन के लिए निर्धारित हैं। वहीं बाबा मस्तनाथ कॉलेज में नाथ संप्रदाय के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है। मारू सिंह मेमोरियल इंस्टीट्यूट खानपुर कलां और लाल बहादुर शास्त्री महिला आयुर्वेदिक कॉलेज बिलासपुर, यमुनानगर केवल छात्राओं के लिए हैं। वहीं, जेआर किसान होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज रोहतक प्रदेश का एकमात्र निजी होम्योपैथिक कॉलेज है।
यह पात्रता जरूरी
आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान व जीवविज्ञान अथवा जैव-प्रौद्योगिकी विषयों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। 31 दिसंबर 2026 तक अभ्यर्थी की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए यानी उसका जन्म 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले का होना चाहिए। इसके साथ नीट-यूजी-2026 में न्यूनतम निर्धारित अर्हता अंक हासिल करना अनिवार्य है।
इतनी फीस देनी होगी
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण व काउंसलिंग फीस 2,000 रुपये होगी। हरियाणा के एससी, डी-एससी, बीसी, ईडब्ल्यूएस, एफएफ और ईएसएम वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह फीस 500 रुपये रखी गई है। दिव्यांग अभ्यर्थियों व चंडीगढ़ के एससी अभ्यर्थियों को भी 500 रुपये देने होंगे। दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्गों के लिए फीस 2,000 रुपये रहेगी। एनआरआई अभ्यर्थियों के लिए यह राशि 10 हजार रुपये होगी। सरकारी संस्थानों में बीएएमएस की वार्षिक कुल फीस करीब 67,500 रुपये रखी गई है। एमएसएम इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की वार्षिक फीस 69,100 रुपये होगी। निजी संस्थानों में बीएएमएस की ट्यूशन फीस 2.40 लाख रुपये और बीएचएमएस की 1.75 लाख रुपये होगी। फीस में हर साल पांच फीसदी की वृद्धि का प्रावधान है।
कुछ निजी विश्वविद्यालयों में फीस इससे भी अधिक है। एसजीटी यूनिवर्सिटी में वार्षिक फीस 6 लाख रुपये, बाबा मस्तनाथ आयुर्वेदिक कॉलेज में 4.60 लाख रुपये और संस्कारम कॉलेज में 4.40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। एनआरआई सीटों के लिए पूरे पाठ्यक्रम की फीस 25 हजार अमेरिकी डॉलर निर्धारित की गई है।