हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के सात दिन पूरे हो चुके हैं। उनके पोस्टमार्टम पर अभी संशय बना हुआ है। वहीं उनके घर सांत्वना जताने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है।
कुमार से मुलाकात के बाद रामदास अठावले ने कहा कि हैदराबाद निवासी पूरण कुमार हरियाणा कैडर के अधिकारी थे। वह बेहद अच्छे अधिकारी थे। इतना बड़ा अधिकारी आत्महत्या करता है तो इसका मतलब वह परेशान था।
उन्होंने कहा कि डीजीपी पर बड़े आरोप है और एसपी पर आरोप है। एसपी रोहतक को गिरफ्तार करने की जरूरत है वहीं डीजीपी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। मैं दलित नेता होने के नाते यहां आया हूं। मैंने सीएम नायब सैनी से समय मांगा है और उनसे मुलाकात कर मांग करूंगा कि डीजीपी पर एक्शन होना चाहिए। फिर हम अंतिम संस्कार करेंगे।
वहीं अमनीत पी कुमार से मिलने के बाद चित्रा सरवारा ने कहा कि परिवार आज बहुत दुख की घड़ी से गुजर रहा है। हमारा परिवार को पूरा समर्थन है। हम चाहते है कि सरकार परिवार को न्याय दिलाए। न्याय दिलाने में सरकार अभी पीछे है। आज इम्तिहान परिवार का नहीं सरकार का है। सात दिन उनकी बॉडी अस्पताल में है। ये परिवार के साथ अन्याय हो रहा है।