हरियाणा के आईपीएस पूरण कुमार केस अब एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि मुख्य गवाह की सुरक्षा पर उठे ये सवाल जांच एजेंसियों और सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की संदिग्ध मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस बार खुलासा मृतक अधिकारी के निजी गनमैन और केस के मुख्य गवाह सुशील कुमार की पत्नी ने किया है।
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सुशील की पत्नी सोनी देवी ने एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि रोहतक जेल में उनके पति को लगातार यातनाएं दी जा रही हैं और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
पत्र में सोनी देवी ने साफ लिखा है कि उनके पति कोई आम कैदी नहीं, बल्कि आईपीएस पूरण कुमार की मौत की जांच में सबसे अहम गवाह हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि सुशील कुमार के पास वे अहम जानकारियां हैं जो केस की सच्चाई उजागर कर सकती हैं। यही कारण है कि जेल के भीतर उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है।
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पत्र के सामने आते ही जेल विभाग में हड़कंप मच गया। जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सुशील कुमार को रोहतक से अंबाला सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही धमकी के आरोपों की जांच के लिए रोहतक जेल अधीक्षक को विशेष रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।