मुख्यमंत्री ने बार-बार खुलने वाली शिकायतों पर जताई चिंता, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, शिकायतकर्ता को फोन कर जांचें समाधान
समाधान शिविरों में आईं 92,848 शिकायतें, 59.6% का ही निपटारा
अब तक करीब 40 हजार शिकायतकर्ताओं से फोन पर समाधान की जानकारी ली गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविरों में पिछले एक साल के दौरान 92,848 शिकायतें आईं। इनमें से 55,365 शिकायतों यानी 59.6 प्रतिशत का समाधान किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लें और प्राथमिकता के आधार पर उसका समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय लोगों को वास्तविक राहत देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समाधान प्रकोष्ठ की शुक्रवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का समाधान होने के बाद लोगों से फोन पर बात करके इसकी पुष्टि भी की जाए। अब तक करीब 40 हजार शिकायतकर्ताओं से फोन पर जानकारी ली गई है। वहीं, राज्य स्तर पर समाधान न होने पर 5,591 शिकायतों के निस्तारण के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई। बैठक में सीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू करना यह संकेत देता है कि समाधान की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। जिन जिलों में 35 प्रतिशत से अधिक शिकायतें दोबारा खुल रही हैं वहां अधिकारी विशेष ध्यान दें। उन्होंने उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देश दिए कि वे खुद शिकायतें पढ़ें और उनके निपटारे की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर समाधान शिविर में जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती होनी चाहिए।
जिलों से मांगे सुझाव
सीएम ने तालाबों से अवैध कब्जे हटाने और वहां बेहतर परियोजनाएं विकसित करने के सुझाव देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से 10 दिन के भीतर नई नीतियां बनाने के लिए 10-10 सुझाव भेजने को कहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुबह के समय विशेष सफाई अभियान चलाने और सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए। सफाई के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार वाहन उपलब्ध नहीं कराने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई करने को भी कहा।