रिश्वत लेने के मामलों में पुलिस, राजस्व और निकाय के अधिकारी-कर्मचारी भी पकड़े गए
चंडीगढ़। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) के लिए 2025 चुनाैतीभरा रहा। पिछले 10 वर्षों की तुलना में रिकार्ड कार्रवाई की गईं। प्रदेश में भ्रष्टाचार से संंबंधित 251 मामले दर्ज किए गए। 147 ट्रैप या छापे भी डाले गए। बीते वर्ष 186 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी कार्रवाई में 1,03,15,900 रुपये बरामद किए गए।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अजय सिंघल के अनुसार, जो भी प्रदेश में कार्रवाई करके गिरफ्तारी की गईं उनमें 163 सरकारी कर्मचारी और 13 गजेटेड अधिकारी व 150 कर्मचारी व 23 निजी व्यक्ति शामिल रहे। पिछले वर्ष कई हाईप्रोफाइल मामलों में भी कार्रवाई की गई। एक निजी व्यक्ति को 30 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसमें दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर भी सह आरोपी पाया गया। नगर निगम के दो पार्षदों, एक क्लर्क और एक निजी व्यक्ति को 7.57 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
विभागवार कार्रवाई की बात करें तो पुलिस विभाग के 44, राजस्व विभाग के 24, शहरी स्थानीय निकाय के 9, विद्युत विभाग के 7 अधिकारी-कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के 7, विकास एवं पंचायत विभाग के 6, आबकारी एवं कराधान के 5, नगर एवं ग्राम नियोजन के 5, सहकारिता के 3, सिंचाई के 3, परिवहन के 3, शिक्षा विभाग के 2, पंचायती राज के 2, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के 2 कर्मचारी कार्रवाई में धरे गए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के 2, स्वास्थ्य विभाग के 2, उच्च शिक्षा के 2, होमगार्ड्स के 2 और अन्य विभागों कुल 15 अधिकारी-कर्मचारी भी 5000 रुपये से 30 लाख रुपये तक की रिश्वत लेने के प्रकरण में पकड़े गए।
2025 के दौरान ब्यूरो ने 123 प्रारंभिक जांच दर्ज कीं। इनमें 1 आईएएस, 3 एचसीएस, 1 एचपीएस अधिकारी, 4 तहसीलदार, 2 नायब तहसीलदार, 1 मुख्य अभियंता, 7 कार्यकारी अभियंता, 8 एसडीओ और 3 जिला नगर योजनाकार शामिल हैं। ऑपरेशन पीछा करो के तहत भी फरार आरोपियों पर शिकंजा कसा गया। भ्रष्टाचार के मामलों में फरार चल रहे 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी 26 से 27 दिसंबर यानी केवल 48 घंटे में राज्यव्यापी अभियान ऑपरेशन पीछा करो के तहत पकड़े गए।