- पराली जलाने के मामले में जींद, फतेहाबाद, हिसार, कैथल अव्वल
चंडीगढ़। हरियाणा में सक्रिय अग्नि स्थानों (एएफएल) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मंगलवार को प्रदेश में अब तक रिकार्ड 72 स्थानों पर एक्टिव फायर लोकेशन के मामले चिह्नित किए गए हैं। कृषि व कल्याण विभाग इस मामलों की जांच कराएगा। जांच के बाद पराली और अन्य प्रकार की आग लगाने का ब्योरा तैयार होगा। इसके बाद ही किसानों व अन्य पर कार्रवाई तय होगी। अभी तक ऐसे मामलों की संख्या 435 हो गई है।
हरियाणा कृषि व कल्याण विभाग के अनुसार मंगलवार को जींद में 26 स्थानों पर आग लगाने के मामले चिह्नित किए गए हैं। कैथल में 10, रोहतक में सात, हिसार में पांच मामले भी चिह्नित किए गए हैं। सोनीपत और फतेहाबाद में मंगलवार को 9-9 मामले आग जलाने के चिह्नित किए गए। इनके अलावा भिवानी व मेवात में 1-1 ओर सिरसा में 3 मामले भी चिह्नित किए हैं। यदि अभी तक एक्टिव फायर लोकेशन के मामलों की बात करें तो सर्वाधिक 124 जींद और 72 मामले फतेहाबाद में चिह्नित किए हैं। हिसार व कैथल में 48-48 मामले सामने आए हैं। सिरसा में 25, सोनीपत में 29, रोहतक में 19, करनाल में 17, पलवल में 13 मामले अभी तक सामने आ चुके हैं। इनके अलावा भी दूसरे शहरों में इसी प्रकार के मामले सामने आए हैं।
95 किसानों की रेड एंट्री, 100 के खिलाफ एफआईआर, 66 को नोटिस
कृषि व कल्याण विभाग पराली जलाने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है। अभी तक 95 किसानों की मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज की गई है। पराली जलाने में संलिप्त 100 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। किसानों की पराली जलाने के मामले में निगरानी को लेकर लापरवाही बरतने के लिए 66 नोडल अधिकारियों और सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं।
पिछले सालों की तुलना में कम मामले सामने आए
हरियाणा में 15 सितंबर से पराली जलाने वालों की निगरानी की जा रही है। 15 सितंबर से 11 नवंबर तक वर्ष 2020 में 3447 मामले चिह्नित किए गए थे। इसी अवधि में 2021 में 5063, 2022 में 2880, 2023 में 1703, 2024 में 1008 मामले चिह्नित किए गए थे। हाल ही में वायु गुणवत्ता आयोग ने भी इस सप्ताह अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है जिससे पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लग सके।