प्रदेश के आढ़तियों की कड़ी नाराजगी, कहा 24 सितंबर से धान की खरीद हुई थी शुरू
प्रदेश में करीब 30 हजार आढ़ती, मजदूरों को प्रति बैग करीब 12.07 रुपये का होना है भुगतान
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में धान खरीद से जुड़े आढ़तियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये है कि 24 सितंबर से प्रदेश की मंडियों और क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हुई थी लेकिन करीब सवा दो माह बाद भी आढ़तियों को मजदूरों के करीब 190 करोड़ रुपये की मजदूरी मिलने का इंतजार खत्म नहीं हो सका है। प्रदेश के करीब 30 हजार आढ़ती के यहां करीब 4 से 5 लाख मजदूर काम करते हैं। फिलहाल प्रदेश के अधिकतर आढ़ती बैंकों से पैसे उधार लेकर मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान कर रहे हैं और लाखों रुपये ब्याज का बोझ उठा रहे हैं।
आढ़तियों के अनुसार धान खरीद के बाद जे फाॅर्म जेनरेट होने के बाद किसानों को रकम का भुगतान होता है। धान उठान के बाद वेयर हाउस में पहुंचने के बाद यानी उठान के 48 घंटे में किसानों के साथ ही आढ़तियों को मजदूरों का पैसा उनके खातों में भेज दिया जाता है लेकिन आढ़तियों को अभी तक आढ़त का भी पैसा नहीं मिला है।
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर ने का आरोप है कि दो दिन पहले तक 59 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। प्रदेश में अभी तक हुई धान की खरीद के अनुसार मजदूरों को करीब 16 करोड़ बैग की लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य करना पड़ा। एक बैग 37.50 किग्रा वजन का होता है और मजदूरों को लोडिंग-अनलोडिंग के लिए प्रति बैग करीब 12.07 रुपये का भुगतान होना है। इसी तरह से आढ़तियों को आढ़त का भी कमीशन नहीं मिला जोकि प्रति क्विंटल 55 रुपये तक होगा। मुख्यालय की तरफ से खरीद का कार्य पूरा होने के 15 दिनों के बाद आढ़त का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन मजदूरों की मजदूरी का भुगतान जल्द हो।
सुनवाई नहीं हुई तो एसोसिएशन ने लिखा पत्र, ई-खरीद पोर्टल पर फंसा पैसा
हरियाणा में 24 सितंबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। धान उठान का कार्य 26 सितंबर के बाद शुरू हो गया था। इसलिए हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़त एसोसिएशन के राज्य प्रधान डाॅ. रामअवतार तायल ने खाद्य आपूर्ति विभाग के मुख्यालय में पत्र भेजकर शिकायत की और मजदूरों के भुगतान की मांग की। सिरसा के आढ़ती सुरेंद्र सिंह का कहना है कि मजदूरों से काम लेने के लिए उन्हें एडवांस में पैसा देना पड़ता है। खाद्य आपूर्ति विभाग में चीफ अकाउंट आफिसर राजेश के मुताबिक हमारी तरफ से भुगतान को लेकर कोई अड़चन नहीं। 30 सितंबर को भी सभी जिलों को भुगतान के लिए पत्र लिखा गया था और बैंकों को भी कहा गया था। अब ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से भुगतान आढ़तियों के पास जाएगा ई-खरीद पोर्टल से पैसे भुगतान का संज्ञान लिया जाएगा।
आढ़तियों को मजदूरी का भुगतान कराया जाएगा। भुगतान में जिस स्तर पर भी बाधा है तो उसे दूर कराएंगे। आढ़तियों से भी यही कहूंगा कि इस तरह की कोई परेशानी आती है तो सीधे समस्याएं बता सकते हैं।
- राजेश नागर, मंत्री, खाद्य आपूर्ति विभाग।