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नशे पर वार: हरियाणा में 860 नशा तस्करों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, मुख्य सचिव को भेजा गया पत्र

Thu, 29 May 2025 08:06 PM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के 860 नशा तस्करों के खिलाफ 10 वर्षों में तीन या उससे अधिक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। इन्हीं तस्करों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले सभी लाभों से वंचित करने की सिफारिश की गई है।
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ओपी सिंह - फोटो : फाइल
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विस्तार
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हरियाणा सरकार प्रदेश में नशा तस्करों की चौतरफा कमर तोड़ने में लगी है। अब प्रदेश में 860 नशा तस्करों को मिलने वाले सरकारी योजनाओं का लाभ बंद करने की तैयारी है। 
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हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को पत्र लिखकर सिफारिश की है। इस पत्र के साथ प्रदेश के 860 नशा तस्करों के नाम, पते और उनके खिलाफ दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे की विस्तृत जानकारी की सूची अटैच की गई है।

प्रदेश के इन 860 नशा तस्करों के खिलाफ 10 वर्षों में तीन या उससे अधिक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। इन्हीं तस्करों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले सभी लाभों से वंचित करने की सिफारिश की गई है।

860 तस्करों में 730 जेल से बाहर

एचएसएनसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक 10 वर्षों में 860 आदतन नशा तस्करों की पहचान कर सूची तैयार की गई है। इनमें 730 जेल से बाहर हैं। वहीं, सिरसा, फतेहाबाद और यमुनानगर में सबसे अधिक तस्कर हैं। सिरसा में 117 तस्कर सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें 106 जेल से बाहर हैं।

तीन वर्षों में 87 पर पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई

एचएसएनसीबी के मुताबिक प्रदेश में तीन वर्षों के अंदर लगातार नशा तस्करी में संलिप्त मिलने वाले 87 हाई-प्रोफाइल तस्करों पर पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। यह एक्ट गंभीर आदतन नशा तस्करों के खिलाफ दर्ज किया जाता है। इस एक्ट के तहत तस्कर को एक साल तक जमानत नहीं मिलती है।

100 से अधिक तस्करों के 55 करोड़ की संपत्तियां जब्त

एचएसएनसीबी की टीम ने सभी 22 जिलों में 100 से अधिक आदतन तस्करों की तकरीबन 55 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त कराई हैं। ये संपत्तियां ड्रग्स की बिक्री और मुनाफे के पैसे से तैयार की गईं थीं। वहीं, अब 332 की सूची बनाकर प्रवर्तन निदेशालय को सौंपी जा चुकी है।

तस्कर तस्करी छोड़ें या हरियाणा

सरकार की मंशा साफ है कि युवाओं के जीवन को खोखला बनाने वाले नशा तस्करों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का समय है। अब नशा तस्कर या सुधर जाएं या प्रदेश छोड़कर चले जाएं। सरकार से आदतन तस्करों को मिलने वाली किसी भी तरह की सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की सिफारिश की गई है। तस्करों को कानूनी, वित्तीय और सामाजिक, हर मोर्चे पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। - ओपी सिंह, पुलिस महानिदेशक।
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