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Chandigarh-Haryana News: एआई कोर्सों के लिए एक कॉलेज में 60 सीटें तय

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- हरियाणा के चार सहायता प्राप्त कॉलेजों में एआई कोर्स चलेंगे
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-बीसीए (एआई विद फ्यूचर टेक्नोलॉजी) और बीसीए इन एआई


अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। प्रदेश में विद्यार्थी पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई करेंगे। एआई विद फ्यूचर टेक्नोलॉजी और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) कोर्स के लिए एक कॉलेज में 60 सीटों की अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमति मिल गई है। ये नए कोर्स इसी शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के चार सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाएंगे जाएंगे।
उच्चतर शिक्षा विभाग को कॉलेजों ने जानकारी दी है कि एआई कोर्स पढ़ाने की समुचित व्यवस्था के साथ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। पहले से कॉलेजों में कंप्यूटर पढ़ाने वाले शिक्षक एआई की पढ़ाई नहीं कराएंगे। सीआरएम जाट कॉलेज हिसार के प्रोफेसर डॉ. राजेश ने बताया कि उनके कॉलेज में एआई की पढ़ाई के लिए 60 सीटें मिली हैं।
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इन कॉलेजों को नए कोर्सों की मंजूरी
1. आरकेएसडी कॉलेज, कैथल में बीसीए इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बीसीए इन डाटा साइंस कोर्स की अनुमति मिली है। यह बीसीए इन डाटा साइंस कोर्स पढ़ाने की अनुमति पाने वाला इकलौता कॉलेज है।

2. गुरु नानक खालसा काॅलेज, करनाल को बीसीए इन एआई कोर्स की अनुमति मिली है।
3. महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय, जगाधरी को बीसीए इन एआई की अनुमति मिली है।
4. सीआरएम जाट कॉलेज, हिसार को बीसीए (एआई विद फ्यूचर टेक्नोलॉजी) की अनुमित मिली है।




ये हैं नए कोर्स

- बीसीए (एआई) कोर्स में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी), कंप्यूटर विजन और रोबोटिक्स में एआई जैसे प्रमुख क्षेत्रों के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस के आधारभूत विषयों को भी शामिल किया गया है।
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- एआई विद फ्यूचर टेक्नोलॉजी (बीसीए) का पाठ्यक्रम तीन वर्ष में छह सेमेस्टर में पूरा होगा।



कॉलेजों में पंजीकरण प्रक्रिया जारी
प्रदेश के 185 सरकारी कॉलेजों, 80 सहायता प्राप्त कॉलेजों और 79 स्ववित्तपोषित कॉलेजों में 2,25,771 सीटों पर दाखिले के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। उच्चतर शिक्षा विभाग को पोर्टल पर अभी तक 92,705 विद्यार्थियों को पंजीकरण हो चुका है। अभी तक किसी भी जिले से शिक्षा विभाग को पोर्टल पंजीकरण से संबंधित शिकायत नहीं मिली है। वहीं, कॉलेजों में दाखिले को लेकर जागरूक करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त सहित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
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