आठ हफ्ते में पुलिस महानिदेशक को देनी होगी रिपोर्ट
चंडीगढ़। हरियाणा में साल की पहली तिमाही में 4100 से अधिक लोग लापता हुए हैं। यानी हरियाणा में रोज 45 से अधिक लोग गायब हो रहे हैं। इस दौरान 1000 से अधिक लोगों के अपहरण के मामले भी सामने आए हैं। एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा पुलिस को नोटिस जारी कर इस आठ हफ्ते में जवाब मांगा है।
आयोग ने अपने नोटिस में कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा है कि ये आंकड़े सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र के विफल होने की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं। आयोग चेयरमैन ललित बतरा व दोनों सदस्यों – कुलदीप जैन व दीप भाटिया ने इसे मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। जस्टिस (सेवानिवृत्त) ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले पूर्ण आयोग के आदेशानुसार, गुमशुदा व्यक्तियों का मुद्दा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह गहन मानवीय पीड़ा और संकट को दर्शाता है। गुमशुदा व्यक्तियों के परिवारों को गंभीर मानसिक आघात का सामना करना पड़ता है।
विशेषकर तब जब उन्हें यह जानकारी तक नहीं होती कि उनके प्रियजन जीवित हैं या नहीं। आयोग के प्रोटोकोल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि आयोग ने अपने निदेशक (अनुसंधान) के माध्यम से पुलिस महानिदेशक (जांच) से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें 2021 से 2025 तक के मामलों की रिपोर्ट तलब की है। आयोग इस मामले में अब 31 जुलाई को सुनवाई करेगा।