हरियाणा सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जलभराव व बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बाढ़ व बारिश से 2.19 लाख एकड़ में फसलें डूब गई हैं। राजस्व विभाग के क्षतिपूर्ति पोर्टल में रात नौ बजे तक दो लाख 19 हजार एकड़ फसल का ब्योरा किसान दर्ज कर चुके हैं। अब तक करीब 34 हजार किसान पोर्टल पर अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज करवा चुके हैं।
राजस्व विभाग के पोर्टल के मुताबिक अंबाला में 66.14 एकड़, भिवानी में 55209 एकड़, फतेहाबाद में 8043.168 एकड़, गुरुग्राम में 25.082 एकड़, हिसार 45249 एकड़, झज्जर 19822, कैथल 324, कुरुक्षेत्र में 9797, रेवाड़ी में 2769 एकड़, रोहतक 35392 एकड़, सिरसा 1646, पंचकूला में 7.075 एकड़, यमुनानगर में 1501 एकड़, मेवात 8225, पलवल 13712 एकड़, चरखी दादरी 17604 एकड़ फसल का ब्योरा दर्ज करवाया गया है।
बाढ़ से बढ़ सकती हैं बीमारियां, स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारियां
खेती के साथ कई इलाकों में भी पानी घुस गया है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इमरजेंसी सेवाएं दुरुस्त रखें। जरूरी दवाइयों का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में रखें। यदि स्टॉक नहीं है तो उसे जल्द से जल्द खरीद लें। बाढ़ व जलभराव से डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पीलिया फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं। यदि पानी ज्यादा दिन तक रुका रहा तो मलेरिया व डेंगू के केस बढ़ सकते हैं। वहीं, त्वचा, फंगल इंफेक्शन व आंखों में भी संक्रमण फैल सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वास्थ्य व आपदा प्रबंधन विभाग को हर चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे।