अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए तकरीबन 9100 राशन डिपो और उनके गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रत्येक डिपो पर दो कैमरे होंगे। एक कैमरा दुकान और एक गोदाम में लगेगा। इस तरह कुल लगभग 18 हजार कैमरे लगाए जाएंगे। पूरी योजना पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अप्रैल में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा।
यह निर्णय राशन वितरण में गड़बड़ियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। कई डिपो संचालकों पर कार्रवाई भी की गई है। हालांकि, जांच में कुछ शिकायतें गलत भी पाई गईं। ऐसे में पारदर्शिता बढ़ाने और निगरानी मजबूत करने के लिए तकनीकी समाधान अपनाया गया है।
दो नोडल अधिकारी बनेंगे -
कैमरों की लाइव निगरानी चंडीगढ़ मुख्यालय से की जाएगी। इसके लिए दो नोडल अधिकारी तैनात होंगे, जो ऑनलाइन सिस्टम के जरिए पूरे नेटवर्क पर नजर रखेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि लाभार्थियों को तय मात्रा और गुणवत्ता का राशन समय पर मिले। प्रदेश में करीब 39 लाख राशन कार्ड के माध्यम से डेढ़ करोड़ लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।