भिवानी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ढाणी चेजरण और दिनोद में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। महिलाओं, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
शहरी क्षेत्र की ढाणी चेजरण में ‘मेरी आंगनबाड़ी मेरी जिम्मेदारी’ पहल के तहत पोषण पंचायत आयोजित हुई। अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू राणा और बाल विकास परियोजना अधिकारी किरण के दिशा-निर्देशों में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरवाइजर रेखा शर्मा ने की। पोषण कैलेंडर के अनुसार विभिन्न गतिविधियां कराई गईं।
महिलाओं को पोषण, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, एनीमिया से बचाव और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए जरूरी पौष्टिक आहार की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में रेसिपी स्पर्धा भी हुई, जिसमें महिलाओं से तैयार व्यंजनों में मौजूद पोषक तत्वों को लेकर सवाल किए गए। इससे महिलाओं के पोषण संबंधी ज्ञान को बढ़ावा मिला।
डिजिटल दौर को देखते हुए महिलाओं को बच्चों के साथ अपना मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करने के लिए प्रेरित किया गया। शारीरिक गतिविधियों और पारिवारिक संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सुपरवाइजर रेखा शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं बल्कि समुदाय के पोषण और स्वास्थ्य की धुरी हैं।
दिनोद में कुपोषण मुक्त समाज का दिलाया संकल्प
गांव दिनोद में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सेवा संकल्प कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य गर्भवती, धात्री व स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों में कुपोषण दूर करने के साथ स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्नेह और पर्यवेक्षक वंदना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में संतुलित आहार, पोषक खाद्य पदार्थों, बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी गई। पर्यवेक्षक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों के शुरुआती विकास में सही पोषण और समय पर देखभाल के महत्व को समझाया। अंत में ग्रामीणों को पोषण के प्रति सतर्क रहने और स्वस्थ व कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया।