भिवानी। तोशाम रोड स्थित बिजली उपभोक्ता शिकायत निवारण केंद्र में एक महिला व उसके पति ने वहां तैनात कर्मचारियों पर बदसलूकी कर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। वहीं, महिला के पैर में भी चोटें आई हैं। इसे इलाज के लिए घटना के सप्ताहभर बाद उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं, निगम महाप्रबंधक का इस प्रकरण में कहना है कि महिला के पति ने खुद वीडियो बनाया है और नियोजित तरीके से कर्मचारियों से बहस की गई है। कर्मचारियों पर धक्का मुक्की के आरोप भी निराधार हैं।
इस मामले में वीडियो भी सामने आया है। इसमें महिला का पति निगम कर्मचारियों से बहस कर रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन डाबर कॉलोनी निवासी इंदू देवी व रमेश ने बताया कि अक्तूबर में उनके घर पर निगम का कर्मचारी मीटर की रीडिंग लेने आया था। रीडिंग लेने के बाद कर्मचारी ने कहा था कि पार्टी कब दे रही हो। महिला घर पर अकेली थी और उसने कर्मचारी से पूछा कि तुम्हें किस बात की पार्टी चाहिए।
महिला की बात को अनसुना कर वह कर्मचारी बिना कुछ कहे वहां से चला गया था। हालांकि अक्तूबर के बाद उनके घर का बिजली का बिल आना बंद हो गया। इसके बाद महिला निगम कार्यालय में जाकर बिल के संबंध में पूछताछ करने पहुंची तो उसे 16 हजार का बिल दे दिया। बिल ज्यादा होने पर समाधान के लिए बोला तो कर्मचारियों ने धक्कामुक्की शुरू कर दिया। महिला के पति ने अपने मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड किया है। वीडियो में बिजली कर्मचारी महिला के पति से बहस करते हुए नजर आ रहे हैं। महिला ने सिटी पुलिस थाना में शिकायत दी है।
छुट्टी के दिन कार्यालय में बैठकर काम कर रहे थे कर्मचारी
महिला इंदू ने बताया कि पति के साथ उपभोक्ता शिकायत केंद्र पर बिल ठीक कराने पहुंची थी। हालांकि जब वह कार्यालय में पहुंचे तो उन्हें पता नहीं था कि छुट्टी है। कार्यालय के अंदर पहुंच कर वो बैठ गए थे। लेकिन वहां पर कोई भी नहीं था। तभी दोनों कार्यालय से बाहर आने लगे, लेकिन कार्यालय के बाहर खड़े एक व्यक्ति ने बताया कि तीन कर्मचारी ऊपर वाली मंजिल में हैं। इसके बाद वे दोनों ऊपर वाली मंजिल में पहुंचे तो खाली पड़ी कुर्सियों की वीडियो बनाने लगे, तभी अचानक तीन कर्मचारी वहां पर पहुंच गए और उनसे कहने लगे की वीडियो क्यों बना रहे हो, साथ ही उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन तुम अंदर कैसे आ गए। उन्होंने आते ही उसके पति के साथ बहस और बदसलूकी करनी शुरू कर दी। कुछ देर तक बहस करने के बाद वो दोनों को ही धक्के मारकर कार्यालय से बाहर निकालने लगे। कर्मियों ने जब दंपती को बाहर निकालने के लिए धक्का मारा तो वह गिर गई। जिससे उसके पैर में गंभीर चोटें आई।
कर्मचारियों पर महिला की ओर से लगाया आरोप निराधार है। कार्यालय में छुट्टी के दौरान कुछ कर्मचारी काम कर रहे थे। व्यक्ति को उसके बिल के संबंध में पूरी जानकारी दे दी गई थी और बता दिया था कि रीडिंग के हिसाब से बिल भेजा गया है। पहले एवरेज के हिसाब से बिल आया था। इसके बाद व्यक्ति नीचे गया और फिर पत्नी के साथ आकर नियोजित तरीके से कर्मचारियों से बहस की और फिर खुद ही वीडियो भी बनाया गया।
-बिजेंद्र लांबा, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।