भिवानी। शहर के तोशाम बाईपास से गांव देवसर की तरफ जाने वाले मार्ग पर पंप हाउस के समीप करीब ढाई एकड़ भूमि पर अवैध कॉलोनी के लिए जूई नहर को रातोंरात तोड़कर पुल तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग अधिकारियों को जब इसकी भनक लगी तो मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। अधिकारियों को देखकर मौके पर सामान छोड़कर आरोपी गायब हो गए, जबकि वहां लगे ट्रैक्टर और जेसीबी को भी अधिकारियों ने हटवा दिया। शहर में अवैध कॉलोनाइजरों द्वारा लगातार शहर से बाहरी दायरे में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं।
अवैध कॉलोनी काटने वालों को राजनीतिक संरक्षण भी मिला हुआ है। यही वजह है कि शहर के जलघरों को पानी की आपूर्ति देने वाली जूई नहर को दो हिस्सों में काटकर कॉलोनी के लिए दस फुट चौड़ा पुल तैयार किया जा रहा था। हालांकि सिंचाई विभाग अधिकारियों का दावा है कि एनओसी के लिए आवेदन किया था।
सभी औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही नहर तोड़कर काम शुरू कर दिया गया, जिसे मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया है। वहीं नगर योजनाकार का कहना है कि भिवानी में कोई भी लाइसेंसी कॉलोनाइजर नहीं है, अवैध कॉलोनी काटी जा रही है तो कनिष्ठ अभियंता की टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
भिवानी तोशाम बाईपास डाबर कॉलोनी जलघर के समीप से गांव देवसर की तरफ जाने वाले रास्ते पर पंप हाउस के समीप ही नहर को तोड़कर दस फुट चौड़ा पुल तैयार किए जाने का काम चल रहा है। यहां रातोंरात नहर के काफी हिस्से तो जेसीबी से खोद डाला है। जिसकी वजह से जूई नहर ही दो हिस्सों में बंट गई है। वहीं पास में ही करीब ढाई एकड़ कृषि भूमि है। जिस पर मिट्टी भरने का काम भी चल रहा है।
बताया जा रहा है कि यहां अवैध रूप से कॉलोनी काटी जा रही है, जिसके रास्ते के लिए ही नहर को खोदकर पुल तैयार कराया जा रहा है। कॉलोनी के लिए रास्ता पाने के लिए नहर तोड़ने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की भी बातें सामने आई हैं। इसमें भिवानी के एक राजनेता का नाम भी सामने आ रहा है, जिसकी अवैध कॉलोनी काटने में भूमिका भी बताई जा रही है। हालांकि यह मामला जिला नगर योजनाकार की जांच में ही सामने आ पाएगा कि अवैध कॉलोनी काटने वालों में किन-किन के नाम शामिल हैं।
भिवानी नगर परिषद दायरे के बाहर आसपास के गांवों की हद में करीब 3600 एकड़ में अवैध कॉलोनियां काटी जा चुकी हैं, जिनमें प्लाटों की रजिस्ट्री पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है। लेकिन एग्रीमेंट के सहारे ही अवैध कॉलोनाइजर प्लाॅटों की खरीद-फरोख्त कर सरकार को राजस्व और लोगों को चूना लगाने में जुटे हैं।
नौ दिन बाद जूई नहर में आएगा पानी, कैसे भरेंगे टैंक और कैसे होगी खेतों की सिंचाई
सुंदर ब्रांच नहर में 13 जनवरी को पानी आएगा। सुंदर सिस्टम से जूई, मित्ताथल और सुंदर सब ब्रांच नहर जुड़ी हैं। ऐसे में जूई नहर में नौ दिन बाद पानी आया तो कैसे डाबर कॉलोनी जलघर के टैंक भरे जाएंगे और कैसे खेतों की सिंचाई होगी। यह सोचकर अधिकारी अभी से परेशान हैं। क्योंकि जूई नहर पर पुल बनाने वालों ने जूई नहर के करीब 30 फुट दायरे की नहर ही गायब कर दी है और वहां गहरी खाई खोद डाली है। दोनों तरफ नहर को मिट्टी से पाट दिया है। नहर में पानी छोड़ा भी गया तो ओवरफ्लो होने का खतरा बढ़ जाएगा।
गांव देवसर की कृषि भूमि पर फार्म हाउस के लिए रास्ता को लेकर जूई नहर पर दस फुट चौड़ी नहरी पुल निर्माण के लिए कुछ लोगों की तरफ से एनओसी का आवेदन किया था। जिस पर मुख्यालय से मंजूरी भी मिल चुकी है। लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही नहर पर पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया गया। इसे सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया है। जब तक नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं होती काम शुरू नहीं किया जाएगा।
-रघुवीर, एसडीओ, जूई वाटर डिविजन सिंचाई विभाग, भिवानी।
भिवानी शहर में कोई भी पंजीकृत कॉलोनाइजर नहीं है। गांव देवसर की कृषि भूमि पर जूई नहर के पास कॉलोनी काटने के मामले की जांच कनिष्ठ अभियंता को भेजकर कराई जाएगी। अगर अवैध रूप से कॉलोनी काटी गई है तो इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। -नवीन कुमार, जिला नगर योजनाकार, भिवानी।