गांव बलकरा स्थित शराब ठेका पर दोबारा से शराब बिक्री शुरू होने से गुस्साए ग्रामीण बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीसी के नाम ज्ञापन सौंपकर शराब ठेका फिर से बंद कराने की गुहार लगाई। डीसी की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने उनके पीए को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि डीसी के आदेशों पर आबकारी एवं कराधान विभाग ने ठेका बंद करवा दिया, लेकिन चार दिन पहले ही शराब ठेका दोबारा शुरू होने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्राम पंचायत ने आबकारी एवं कराधान विभाग पर शराब ठेकेदार से मिलीभगत करने के आरोप भी लगाए हैं।
ज्ञापन में सरपंच प्रतिनिधि सोमबीर ने बताया कि गांव के अंदर हरिजन बस्ती व सरकारी स्कूल के समीप शराब ठेका चल रहा है। इससे छात्राओं व महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बच्चों पर भी गांव में शराब ठेका होने से गलत प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीण ओमप्रकाश, राज सिंह, राम सिंह, राजेश, देवेंद्र, संजय, रामलाल, रणधीर व आनंद आदि ने बताया कि चार व सात अप्रैल को शराब ठेका बंद कराने के लिए आबकारी एवं काराधान विभाग के अधिकारियों से बातचीत की थी।
जिसके बाद चार मई को डीसी से मिलकर शराब ठेका बंद कराने की मांग की थी। डीसी के आदेशों पर शराब ठेका बंद करवा दिया था, लेकिन चार दिन पहले ही गांव में राजकीय स्कूल के समीप शराब का ठेका शुरू कर दिया इससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोबारा शराब ठेके को बंद करवाने की मांग की।
-- दयाराम शर्मा ने बताया कि गांव के सरकारी स्कूल के समीप दोबारा शराब का ठेका खुलने से स्कूली बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। ठेके के समीप स्थित हरिजन बस्ती की महिलाओं को यहां से गुजरते समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
--महिला मंत्री देवी ने बताया कि ठेका पर बैठे लोग महिलाओं को अपशब्द बोलते रहते है। पुलिस प्रशासन को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे महिलाओं का इस मार्ग से अकेला गुजरना मुश्किल हो गया है।
--राजेंद्र ने बताया कि शराब बिक्री के चलते प्रतिदिन ठेके के समीप झगड़े होते रहते है। गांव के युवा भी नशे की चपेट में आ रहे हैं। देर रात तक ठेके के बाहर नशेड़ियों को जमावड़ा लगा रहता है। प्रतिदिन दिन मारपीट की घटना होती रहती है
---बलकरा निवासी महिला फुलसमुंद्रा ने बताया कि डीसी साहब के आदेशों पर ठेका बंद करवा दिया था लेकिन अब दोबारा शुरू करवा दिया है। जोकि अब ग्रामीणों के लिए काफी समस्या है। प्रशासन को ठेका दोबारा से बंद करवा देना चाहिए।