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Bhiwani News: ओलावृष्टि और तेज हवाओं से 750 एकड़ मेें बिछी गेहूं की फसल, 25 से 30 फीसदी नुकसान की आशंका

Sun, 02 Mar 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव मुंढाल में तेज आंधी से गिरी गेहूं की फसल।
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भिवानी। जिले भर में शुक्रवार शाम को तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं और सरसों की फसल में काफी नुकसान हुआ है। जिले भर में करीब साढ़े सात सौ एकड़ में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है वहीं सरसों में भी 25 से 30 फीसदी नुकसान की आशंका है। किसान संगठनों ने भी किसानों की प्रभावित फसलों की स्पेशल गिरदावरी कराकर मुआवजा की मांग की है। वहीं सरकार ने भी किसानों के लिए 10 मार्च तक क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है।
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शुक्रवार शाम को लोहारू, ढिगावा, तोशाम, जूई और बहल, मुंढाल, खरकक और भिवानी के आसपास के इलाके में ओलावृष्टि हुई है। इसके अलावा तेज हवाओं की वजह से भी किसानों की गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। हालांकि अभी तक कृषि विभाग ने किसानों की फसल के नुकसान का कोई आकलन नहीं किया है, मगर सरकार ने सीधे किसानों को नुकसान दर्ज कराने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोल दिया है।

तोशाम क्षेत्र के कई गांवों में प्रभावित हुई किसानों की फसलें
तोशाम। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी और जिला सचिव एडवोकेट बस्तीराम ने बताया कि तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि से गांव बारवास, बशीरवास, झुप्पा कलां, गोठड़ा, गिगनाऊ, सिंघानी, ढाणी टोडा तथा अन्य दर्जनों गांवों में किसानों की गेहूं, सरसों तथा सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ओलावृष्टि से किसानों की बर्बाद हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी करवाई जाए तथा बर्बाद हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इनके नाम से इंश्योरेंस कंपनियां लूट मचा रही हैं। यही नहीं, क्षति पूर्ति पोर्टल किसानों के लिए झंझट बना हुआ है।
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किसान सभा ने की प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग
अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी भिवानी ने लोहारू क्षेत्र में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी मुख्यमंत्री को डीआरओ के माध्यम से ज्ञापन भेजा। किसान सभा के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओम प्रकाश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को लोहारू क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है, जिनमें गोठड़ा, ढाणी टोडा, ढ़ाणी मनसुख, बसीरवास, बारवास, झुप्पा कला, खुर्द, गिगनाऊ, झांझड़ा, हसनपुर स्योराण, दमकोरा, बरालू, लालपुर ढ़ाणी व सेहर शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि प्रभावित किसानों की बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी करवाई जाए तथा 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिलवाया जाए। इस अवसर पर किसान नेता करतार ग्रेवाल, प्रताप सिंह सिंहमार, महाबीर फोजी, धन सिंह ग्रेवाल, सोनू प्रजापति शामिल थे।

ओलावृष्टि से किसान की फसल प्रभावित, तेज आंधी से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े

लोहारू। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार शुक्रवार शाम लोहारू और आसपास के इलाके में तेज हवाओं के साथ जमकर बरसात हुई तथा कई गांवों में 15 से 20 मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवा के कारण जहां ग्रामीण इलाकों में कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। वहीं खेतों में किसान की फसलें जमीन पर पसर गई। इसके अलावा दमकोरा, बरालु, झांझड़ा, गिगनाऊ गोठड़ा, ढाणी टोडा, झुप्पा कलां व खुर्द, सेहर, पहाड़ी, नकीपुर, बसीरवास, बारवास, ढाणी रहीमपुर, सुखदेव सिंह का बास सहित अनेक गांवों में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसले प्रभावित हो गई। पीड़ित किसानों ने प्रशासन और सरकार से विशेष गिरदावरी कराके बर्बाद फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

तेज हवाओं के कारण आसपास के गांवों में अनेक पेड़ जमींदोज हो गए तथा बिजली के खंभे भी उखड़ गए। बिजली के खंभे टूटने के कारण गांवों के साथ-साथ शहरों में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शनिवार को बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। गांव दमकोरा, बरालु, गोठड़ा, झांझड़ा, झुप्पा व बसीरवास के किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि ने उनकी सरसों और गेहूं की फसल को चौपट कर दिया है। सरकार को विशेष गिरदावरी कराके फसलों पीड़ित किसानों को इसका मुआवजा देना चाहिए।

किसान संगठनों ने सरकार से की ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग

लोहारू। विभिन्न गांवों में ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय किसान यूनियन और किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने बैठक की और प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की। भाकियू के ब्लाक प्रधान रवींद्र कसवां, जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य, आजाद सिंह ने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं सरसों आदि और सब्जी वर्गीय फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस मौके पर ईश्वर, धर्मपाल राठी, मुख्तार, राजपाल, सुमेर सिंह गोठड़ा, कमल सिंह, दयानन्द मास्टर, रमेश दमकौरा, जयसिंह, सुमेर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह गोठड़ा की अध्यक्षता में संगठन की बैठक हुई। जिसमें ओलावृष्टि पर किसानों ने चिंता जाहिर की। पृथ्वी सिंह गोठड़ा, रोहताश झुप्पा ने कहा कि ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सरकार को बर्बाद फसल की विशेष गिरदावरी करानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने एसडीएम लोहारू को ज्ञापन भी सौंपा।

राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने प्रशासन से शीघ्र ओलावृष्टि का आकलन करने के दिए निर्देश
भिवानी। जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि से किसानों की फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों की मांग पर राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से ओलावृष्टि से किसानों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन को तुरंत आकलन कराने के आदेश दिए जाने का आग्रह किया है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को तुरंत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि गांव गोठड़ा, ढाणी टोडा, ढाणी मनसुख, बसीरवास, बारवास, झुपा कलां-खुर्द, गिगनाऊ, झांझडा हसनपुर-श्योराण, दमकोरा, बरालू, लालपुर ढाणी, सेहर और बाढड़ा हलके के लाड, भांडवा, ढाणी सुरजा, नांधा, हंसावास खुर्द, हंसावास कला, चांदवास, कानहडा, धनासरी, निमड़ व बडेसरा सहित कई गांवों में भारी ओलावृष्टि के जानकारी प्राप्त हुई हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आकलन जल्द से जल्द किया जाए और प्रभावित किसानों को राहत दी जाए।
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