सुबह हलकी बूंदाबांदी के बाद शाम को करीब आधा घंटे तक जमकर बारिश हुई। भिवानी में करीब पांच एमएम बारिश दर्ज की गई वहीं सिवानी में आठ एमएम, तोशाम, लोहारू, बवानीखेड़ा क्षेत्र में बूंदाबंादी हुई। जूई, सिवानी, बहल, भिवानी क्षेत्र के करीब 21 गांवों में हलकी ओलावृष्टि हुई। किसान नेताओं की माने तो ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान है। करीब 20 फीसदी तक नुकसान है। इसके अलावा तेज हवा और बारिश से गेहूं, सरसों की पकी हुई फसल और जौ में भी नुकसान है।
शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाये हुए थे और तेज हवा चल रही थी। सुबह करीब सवा आठ बजे बूंदाबांदी हुई। दोपहर के समय धूप खिली। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और आसमान में काले बादल छा गए। शाम करीब पौने छह बजे बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। उसके बाद भी रुक-रुककर बारिश होती रही। सिवानी में भी तेज बारिश हुई। भिवानी, जूई, बहल, सिवानी क्षेत्र के करीब 21 गांवों में कुछ सेकेंड ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसान चिंतित है। वहीं शहर में हुई बारिश से सड़क किनारों पर जलभराव हुआ। शहर के निचले क्षेत्रों में भी जलभराव हुआ। वहीं अनेक क्षेत्रों में अमरुत योजना के तहत बारिश के पानी की निकासी के लाइन डालने के लिए खुदाई की हुई। जिस कारण यहां कीचड़ के हालात रहे और लोगों में आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गेहूं, सरसों की फसल को नुकसान
तेज हवाओं और बारिश के कारण कैरू, लोहारू, जूई, सिवानी क्षेत्र में गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ। शुरूआती तौर पर 20 से 25 फीसदी तक नुकसान है मगर नुकसान का सही आंकलन आगामी एक-दो दिन बाद होगा। किसान नेता दयानंद पूनिया ने कहा कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द गिरदावरी कर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
इन गांवों में हुई ओलावृष्टि
बहल क्षेत्र के सुधीवास, पैतावास, चैहड़ गांव, गरवा में ओलावृष्टि हुई। भिवानी के नंदगांव, झरवाई, ढाणी जंगा, जूई क्षेत्र के लालावास, पोहकरवास, ढाबढाणी, जूई, ढांगर, नंदगांव, गोलागढ़, ललहाना, ढाणी शंकर, सिवानी के ढाणी भाखड़ा, गंगाला, कालौद, हेतलावानी, कलाली, झूप्पा, में ओलावृष्टि हुई।
इस समय बारिश का फसलों में फायदा और नुकसान दोनों हैं। सरसों में फूल आया हुआ है, बारिश से वह झड़ जाता है, जबकि तेज हवा के साथ बारिश के कारण जो गेहूं की फसल खेत में बिछ गई हैं, उसमें पौधों की बढ़वार और फसल उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ता है। फिलहाल सब्जियों में बारिश का फायदा है।
- डॉ. मुरारीलाल, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी
बारिश के दौरान शाम पांच बजे ही हेडलाइट जलाकर गंतव्य की ओर जाते वाहन चालक। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani