भिवानी। गर्मी की दस्तक होते ही जल संकट ने पैर पसार लिए हैं। पुराना जलघर के टैंकों में मात्र दस दिन की मुश्किल से आपूर्ति के लिए पानी बचा है, जबकि नहरों में 20 दिन बाद पानी आने की उम्मीद है। ऐसे में इसी सप्ताह से शहरवासियों को पानी की राशनिंग का सामना भी करना पड़ेगा, क्योंकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एक दिन छोड़ एक दिन शहर में पानी की आपूर्ति देगा।
शहर के बाहरी क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की आपूर्ति में भी कोई राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि मुश्किल से विभाग रोजाना 15 से 17 पानी के टैंकर ही भेजेगा। जबकि गर्मियों के मौसम में पानी की टैंकरों की मांग भी बढ़ रही है। दरअसल जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अमृत द्वितीय चरण के 226 करोड़ के मसौदे के डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन ये काम अगस्त-सितंबर तक आरंभ होगा।
ऐसे में गर्मी की शुरुआत से पहले ही शहर पानी के संकट के दौर से गुजरने लगा है। पुराना जलघर के पानी के टैंकों में पर्याप्त भंडारण नहीं है। ऐसे में इसी सप्ताह से एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति का शेड्यूल भी बना चुका है। जिन इलाकों में पहले से ही पेयजल आपूर्ति को लेकर दिक्कत है, वहां रहने वालों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। गर्मी के दौरान सर्दियों के मुकाबले नया शेड़्यूल तैयार कर कुछ मिनट अतिरिक्त आपूर्ति का भी प्रावधान जरूरी है, लेकिन यहां तो सर्दियों के मुकाबले गर्मियों में एक दिन छोड़ एक दिन पानी मिलने की तैयारी हो चुकी है।
20 अप्रैल को आएगा नहरों में पानी
सिंचाई विभाग के नहरी पानी के शेड्यूल के हिसाब से 20 अप्रैल को सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी आएगा। सिंचाई विभाग ने भी 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड मुख्यालय से कर दी है। क्योंकि गर्मियों के मौसम में जलघर टैंकों के साथ पशुओं के लिए पीने के पानी के तालाब भी भरने जरूरी हैं। ऐसे में सिंचाई विभाग अपने निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से नहरी पानी मिलने की उम्मीद जता रहा है।
जलघर टैंकों के आसपास बने बोरवेल बनेंगे संकट में सहारा
गर्मी शुरू होने से पहले ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने जलसंकट से उबरने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए पुराना जलघर टैंकों के आसपास नए बोरवेल कराए गए हैं। ये बोरवेल ही संकट में सहारा बनेंगे और पेयजल आपूर्ति को जारी रखने में मदद करेंगे। करीब छह से आठ बोरवेल चौबीसों घंटे बूस्टिंग स्टेशनों के होद भरने के लिए चलाए जाएंगे। इन बोरवेलों के चौबीस घंटे चलने से विभाग एक दिन आधे शहर की पेयजल आपूर्ति दे सकेगा। ऐसे में जब तक नहर में पानी नहीं आता तब तक ये बोरवेल ही शहरवासियों की प्यास बुझाएंगे।
शहर में लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिल रही है। 20 अप्रैल को नहरों में पानी आने की उम्मीद है, तब तक पेयजल आपूर्ति में आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती है। किसी भी क्षेत्र में पानी का संकट नहीं रहने दिया जाएगा। हमारा आम लोगों से भी अनुरोध है कि वे गर्मी के मौसम में पानी की कमी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति में जल की बर्बादी करने से बचें।
-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।