भिवानी। पुराना जलघर के वाटर टैंक सूख चुके हैं। भीषण गर्मी में पुराना शहर गंभीर पेयजल संकट झेलने पर मजबूर है। सिंचाई विभाग की नहरों में आठ जून तक क्लोजर है, यानी पानी सभी शेड्यूल में बंद है। नौ जून के बाद ही नहरों में पानी की संभावना है। वहीं अब एक दिन छोड़ एक दिन राशनिंग भी बढ़ सकती है। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने टैंकरों की आपूर्ति बढ़ाने से भी तौबा कर लिया है। ऐसे में शहर की अधिकांश कॉलोनियों में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं।
महम रोड स्थित पुराना जलघर के सभी टैंक अब सूख गए हैं, यहां सिर्फ तलहटी में ही कुछ पानी बचा है, जिससे अब एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति जारी रख पाना भी मुश्किल होगा। वहीं सिंचाई विभाग की नहरों में आठ जून तक क्लोजर लिया हुआ है यानी नौ जून के बाद ही नहरों में पानी की आपूर्ति मिलना शुरू होगी। ऐसे में नहरों के अंदर 10 जून के बाद ही पानी पहुंचेगा। राशनिंग के बावजूद 10 से 11 दिनों तक की आपूर्ति दे पाना अब अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती बना है। नहरों में पहले पानी आने की भी कोई संभावना नहीं है, क्योंकि क्लोजर के दौरान पानी किसी भी शेड्यूल में नहीं दिया जा सकता है।
शहर की इन कॉलोनियों में नहीं हो रही सप्ताह भर से आपूर्ति
शहर के दादरी गेट वाल्मीकि मोहल्ला, बावड़ीगेट क्षेत्र, ढाणा रोड, बीटीएम चौक क्षेत्र, जगत कॉलोनी, चिरंजीव कॉलोनी, भारत नगर, पीपलीवाली जोहड़ी, हनुमान गेट, देवसर चुंगी क्षेत्र, हालु मोहल्ला, घोसियान चौक, दिनोद रोड क्षेत्र सहित शहर के सभी बाहरी कॉलोनियों में पीने के पानी का संकट बना है।
शहर में पानी की राशनिंग चल रही है। पानी के टैंकरों से आपूर्ति करा रहे हैं, ये टैंकर नगर परिषद व कुछ स्वयंसेवी संगठनों के हैं, जिन्हें जरूरत के हिसाब से भेजा जा रहा है। अगर नहरी पानी आने में देरी होती है तो पानी की राशनिंग लंबी चलेगी।
- सतीशचंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
नहरों में आठ जून तक क्लोजर है, नौ जून के बाद ही पानी आने की संभावना है। सुंदर सिस्टम और जूई फीडर में डिमांड के अनुरूप पानी मिलने की उम्मीद है। पानी आने के बाद जलघर टैंकों और जोहड़ों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।
-अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।