हांसी चौक (महाराणा प्रताप चौक) पर बुधवार सुबह सड़कों पर हजारों लीटर पीने का पानी व्यर्थ बहता हुआ देखकर हर कोई हैरान था, बाद में माजरा समझ आया कि ये पानी तो मुख्य लाइन लीकेज की वजह से बह रहा है। इसके बाद पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे और चौक के अंदर से लीकेज ठीक करने पर खुदाई का काम मैनुअल तरीके से शुरू किया। लीकेज शहर की दर्जनभर कॉलोनियों के लिए परेशानी बन सकती है। जल्द ही ठीक नहीं हुई तो सुबह की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
खुदाई के दौरान नगर परिषद की लापरवाही भी उजागर हुई, जिसमें मुख्य लाइन के ऊपर ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए लाइट का सिग्नल तक लगा डाला था। खुदाई के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग के कर्मचारियों ने ट्रैफिक सिग्नल को खोदकर नीचे तक निकाला और फिर इसकी सूचना नप अधिकारियों को दी। इसके बाद करीब छह फीट गहरी खुदाई के बाद लाइन दिखाई तो दी लीकेज नहीं मिली। इसके बाद चौक के दायरे के बाहर सड़क तोड़कर खुदाई के लिए जेसीबी मशीन बुलाई। जेसीबी से सड़क तोड़ने के दौरान हांसी चौक पर वाहनों का भी जाम लगा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि पेयजल लाइन करीबन 40 साल पुरानी है, जिसके अंदर लीकेज हुई है। वहीं सर्दियों के मौसम में पुरानी जर्जर हाल पेयजल लाइनें पानी के प्रेशर से भी फट रही हैं, क्योंकि सर्दियों में पानी की खपत काफी कम आ जाती है, इस वजह से लाइन में पानी का प्रेशर बढ़ता है जो मुख्य लाइनों की लीकेज की वजह भी बन रहा है।
हांसी गेट पर विभाग की छह इंची मुख्य पेयजल लाइन लीकेज होने से हालु बाजार व लोहड़ बाजार जोन की पेयजल आपूर्ति पर भी संकट मंडरा गया है। अगर बुधवार शाम तक लाइन लीकेज ठीक नहीं होती है तो वीरवार को लोहड़ व हालु बाजार जोन की पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। लोहड़ और हालु जोन में लगभग पुराना शहर आता है, जिसके अंदर करीब 25 हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन जारी किए हुए हैं। वहीं सवा लाख लोगों की आबादी भी इस दायरे में आती है। हालांकि मौके पर मौजूद पेयजल आपूर्ति के अधिकारियों ने ठेकेदार और उसके मजदूरों के माध्यम से काम एक दिन के अंदर ही पूरा कराने की बात कही। अगर अगले दिन तक काम जारी रहता है तो फिर पेयजल आपूर्ति पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
लीकेज तलाशने के लिए खोदी छह फुट गहरी खाई : महाराणा प्रताप चौक के घेरे के अंदर जमीन के नीचे मुख्य लाइन की लीकेज तक पहुंचने के लिए करीबन छह फुट गहरी खाई खोदी गई। चौक के तंग घेरे के अंदर लाइन आने की वजह से यहां जेसीबी से खुदाई भी नहीं हो सकती थी, इसलिए मजदूरों को ही मेनुअल तरीके से खुदाई का काम किया। इस खुदाई के दौरान दशकों के अंतराल में बनाई गई सड़क के अवशेषों की चार परतें भी आड़े आई। इसी तरह एक ट्रैफिक लाइट सिग्नल भी उखाड़ा गया। मौके पर छह मजदूरों ने कई घंटों तक खुदाई की।
महाराणा प्रताप चौक के चबूतरे के नीचे छह इंची पुरानी पेयजल लाइन में लीकेज की सूचना मिली थी। जिसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और अपनी निगरानी में लीकेज को ठीक कराने का काम शुरू कराया है। ये काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा, ताकि किसी भी इलाके की पेयजल आपूर्ति पर इसका कोई बुरा असर ना पड़े। फिलहाल एक ट्रैफिक लाइट सिग्नल भी लाइन के बिलकुल नजदीक लगाया गया था, जिसे हटाने के लिए नप अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
- दर्शन सिंह, एसडीओ, शहरी पेयजल आपूर्ति डिवीजन।