पहले बोल रहे थे कि नहर में पानी आएगा तो पानी की सप्लाई पहले की तरह बेहतर होगी। अब तो तीन दिन से नहर में पानी भी आ रहा है मगर हमारे घर तो सप्लाई नहीं आ रही। यह कहना है नया बाजार क्षेत्र वासी महिला कविता का। कविता ही नहीं पानी को लेकर बने संकट से शहर की की करीब 24-25 कॉलोनियों के करीब 75 हजार लोग परेशान हैं। ज्यादा समस्या टेल की कॉलोनियों में है। जहां लोग पानी के लिए टैंकरों और हैंडपंप पर निर्भर है। विभाग अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में पानी की मांग काफी बढ़ गई है। इस कारण टेल तक पानी बहुत कम पहुंचता है।
पिछले चार-पांच दिन से तापमान लगातार 42 डिग्री के पार है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की मांग भी काफी बढ़ गई है। मांग करीब डेढ़ गुणा तक बढ़ गई है। पहले नहर नहीं आने के कारण पानी में कटौती की गई और अब नहर में पानी कम आया है। गर्मी में पानी की मांग 70 एमएलडी तक पहुंच गई है जबकि पानी की सप्लाई हो रही है करीब 45 एमएलडी। ऐसे में शहर की करीब 24-25 कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। ऐसे में करीब 75 हजार लोग पानी को लेकर परेशान हैं। औसतन 200 फोन कॉल शिकायतें विभाग के रिकार्ड में दर्ज हो रही हैं वहीं करीब 60 से 70 पानी के टैंकर विभिन्न कॉलोनियों में भेजे जा रहे हैं।
इन इलाकों में बिगड़े हुए हैं पानी को लेकर हालात
शहर के पॉश इलाका सेक्टर 13 व 23, कोंट रोड, शांति नगर, लक्ष्मी नगर, नया बाजार क्षेत्र, कृष्णा कॉलोनी, खाड़ी मोहल्ला, दिनोद गेट क्षेत्र, जीतुवाला जोहड़ क्षेत्र, दुर्गा कॉलोनी, ब्रह्मा कॉलोनी, ग्वार फैक्ट्री क्षेत्र, जागृति कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, हनुमान गेट, हनुमान ढाणी क्षेत्र, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, सराय चौपटा क्षेत्र में पानी की आपूर्ति अनियमित है। खाली बर्तनों के साथ इन इलाकों में महिलाएं रोष प्रदर्शन कर रही हैं।
परेशानी महिलाओं की जुबानी
सेक्टर 13 विक्कर सेक्शन से महिला आशा रानी दिरोलिया, सरिता, उर्मिला, सुशीला ने बताया कि गर्मियों में हर बार समस्या बनती है। अब भी मुश्किल से पांच-दस मिनट पानी आता है। प्रेशर भी ज्यादा नहीं होता। ऐसे में इतने कम पानी से कैसे काम चले। अब हैंडपंप से काम चलाना पड़ता है। या फिर टैंकर मंगवाते है। कृष्णा कॉलोनी वासी महिला बिमला, नया बाजार वासी कविता ने बताया कि 10 दिन से पानी नहीं आया। अब तो नहर में भी पानी चल रहा है मगर उनके यहां नहीं आ रहा।
कहीं नहीं पहुंचती पानी की बूंद, कहीं हो रही गंदे पानी की आपूर्ति
शहर की कई कॉलोनियों में पानी की एक बूंद नहीं पहुंच रही हैं, लेकिन कई शहरी इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महिलाएं सिर पर मटके उठाकर दूर दराज से पानी लाने को मजबूर हैं। कई घरों में गंदा पानी नलों से टपक रहा है, जिसे पीना तो दूर काले रंगे के बदबूदार पानी को देखकर भी घिन्न आ रही है।
वाशिंग स्टेशनों के अलावा खाली प्लॉटों में बना रखे हैं लोगों ने अवैध टैंक
शहर के अंदर काफी वाशिंग स्टेशन बने हैं, जहां पर गाड़ियों की वाशिंग की जाती है। इनके कनेक्शन सीधे पानी की मुख्य लाइन से जुड़े हैं। मुख्य लाइन से कनेक्शन अवैध व गैर कानूनी है। इसी तरह शहर की कई कॉलोनियों के अंदर लोगों ने खाली प्लाटों में अवैध पानी के टैंक बना रखे हैं, जिनमें हजारों लीटर पानी संग्रहित किया जाता है। इस पानी का इस्तेमाल प्लाटों के अंदर सब्जियां उगाने में हो रहा है। जबकि शहरी लोगों का कंठ प्यास से सूख रहा है।
ये है मई और जून माह में नहरी पानी की स्थिति
मई और जून माह में नहरी पानी की उपलब्धता और पेयजल आपूर्ति के शेड्यूल का हिसाब किताब जोड़ें तो गणित पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। फिलहाल 23 से 26 मई तक सुंदर गु्रप की जुई व मिताथल फीडर नहर में पानी चल रहा है। लेकिन 22 सौ क्यूसिक डिमांड के मुकाबले केवल 1195 क्यूसिक पानी ही पहुंचा है। 27 मई को निगाना फीडर नहर में पानी आएगा। इस चैनल से भी शहरी जलघरों को आठ दिन नहरी पानी मिलेगा। तीन जून को निगाना में पानी बंद होगा। फिर 27 जून को जुई और मिताथल में पानी आने के आसार हैं। लेकिन पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी 19 जून को बीच में अतिरिक्त पानी की मांग कर रहे हैं।
शहरी जलघरों के टैंकों को भरा जा रहा है। गर्मी में पानी की डिमांड अचानक बढ़ गई है। लेकिन फिर भी लगातार आपूर्ति बहाल रखने के प्रयास हैं। अतिरिक्त नहरी पानी की मांग भेजी हुई है। पर्याप्त नहरी पानी मिलता है तो गर्मी में कोई पानी की राशनिंग नहीं होगी।
- कपिल श्योराण, जेई शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
मई और जून माह में निर्धारित शेडयूल के हिसाब से पानी मिलेगा। जुई व मिताथल फीडर के अलावा निगाना फीडर से भी ग्रामीण व शहरी जलघरों को भरा जाएगा।
- दलीप सिंह चेरवाल, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।