फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुपर क्लोरिनेशन से कड़वा हुआ पानी

Mon, 05 Oct 2015 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
इन दिनों घरों में कड़वा पानी सप्लाई हो रहा है। कड़वे पानी की वजह से दूध फटने, खाने का स्वाद बदलने जैसी शिकायतें भी है।
विज्ञापन


दरअसल जलघर और वाटर वर्क्स के टैंकों में एडिज मच्छर के लारवा को खत्म करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने सुपर क्लोरिनेशन शुरू की है। विभाग अधिकारियों का कहना है कि वे इसमें कुछ नहीं कर सकते और 15 अक्तूबर तक तो ऐसे ही कड़वा पानी पीना होगा।

एमसी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी बूस्टरों व निनान में बने नए जलघर के टैंकों में डेंगू मच्छर का लारवा मिलने के बाद प्रशासन के निर्देश पर सुपर क्लोरिनेशन की गई है। अब पानी में चार पीपीएम तक क्लोरिन डाली जा रही है जबकि पहले दो पीपीएम डाली जाती थी। पानी में क्लोरिन की मात्रा दोगुनी तक बढ़ने से पानी बिल्कुल कड़वा हो गया है।
विज्ञापन


लोग यह कड़वा पानी पीने को मजबूर है। दूध फटने और खाने का स्वाद बदलने के कारण लोग ज्यादा चिंतित है। पानी को लेकर लोग कितने चिंतित है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर रोज जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के फोन घनघना रहे है और इसकी शिकायत कर रहे है।

टेल की बजाए हेड की कॉलोनियों में ज्यादा कड़वा पानी सप्लाई हो रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सुपर क्लोरिनेशन के बावजूद कुछ जगह पानी में लारवा मिला है। सुपर क्लोरिनेशन के साथ यदि टैंकों की पूरी तरह सफाई हो तो लारवा पूरी तरह खत्म हो।
--

ये उपाय हो सकते हैं कारगर
सुपर क्लोरिनेशन से पानी कड़वा हो गया है। इसे पीने लायक बनाने के लिए मिट्टी के बर्तन में दो घंटे तक रखा जाए तो क्लोरिन का प्रभाव कम या खत्म हो जाता है। स्टील या लोहे के बर्तन में क्लोरिन का प्रभाव खत्म होने में आठ से 10 घंटे तक लग सकते है।


वर्जन
सुपर क्लोरिनेशनल हो रही है तो पानी कड़वा हो गया है। दूध फटने व खाने का टेस्ट बदलने की शिकायतें आ रही है मगर 15 अक्तूबर तक इसी तरह कड़वा पानी ही पीना होगा। महामारी से बचने के लिए ऐहतियात के तौर पर ऐसा किया जा रहा है। टैंकों की भी सफाई करवाई जा रही है। - संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
-------------

जलघरों में खामी मिलने पर मंत्री ने किया जेई को सस्पेंड
भिवानी। जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ ने गांवों के जलघरों का निरीक्षण किया तो खुलासा हुआ कि कर्मचारियों की लचर कार्यप्रणाली से लोग गंदा पानी पी रहे है। समय पर पानी नहीं आता। कर्मचारी गायब रहते हैं। अव्यवस्थाओं से खफा मंत्री ने एक जेई को सस्पेंड कर दिया और अनुपस्थित कर्मचारियों के बारे में भी जवाब मांगा। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी कि दीवाली तक सभी समस्याएं दूर हो अन्यथा घर बैठने के लिए तैयार रहे।

जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ ने शनिवार सायं आधा दर्जन गांवों के जलघरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण कार्य रात 10 बजे तक चला।

जनस्वास्थ्य मंत्री सबसे पहले गांव नीमड़ी के जलघर पहुंचे। वहां पर मंत्री ने कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर की जांच की तो तीन में से दो गायब मिले। कनिष्ठ अभियंता भी अनुपस्थित थे।

एसडीओ धर्मबीर सिंह ने बताया कि तत्कालीन कार्यकारी अभियंता के उपेक्षित रवैये के कारण इन जलघरों की स्थिति बिगड़ी है। उन्हीं के कारण पानी की सप्लाई व अन्य समस्याएं बनी है।

यहां के बाद मंत्री गांव बौंद के जलघर पहुंचे। वहंा पर पानी के स्टोरेज, फिल्टर, क्लोरीन, फिटकरी के स्टॉक की जांच की। ग्रामीणों ने जेई पर कार्य में कोताही के आरोप लगाते हुए कहा कि कभी कभी ही नजर आते है। इस पर मंत्री ने जेई दिनेश कुमार को सस्पेंड करने के आदेश दिए।
विज्ञापन


जनस्वास्थ्य मंत्री ने सांवड़ व बडाला गांव के जलघर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को अनियमितताएं दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक अभियंता मंगतराय, कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी, आरके शर्मा, एसडीओ धर्मबीर यादव, सियाराम जांगड़ा, अमन सर्राफ, ललित, आनंद, दीपक, निशु कौशिक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें