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दो क्षतिग्रस्त पेयजल कनेक्शन से हो रही चार कॉलोनियों में गंदे पानी की सप्लाई

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02 फोटो पेयजल लाइन लीकेज समाधान के लिए खोदी गई जगह में जमा सीवर का पानी दिखाते हुए क्षेत्रवासी। - फोटो : Bhiwani
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दो क्षतिग्रस्त पेयजल कनेक्शन के कारण चार कॉलोनियों के करीब 15 हजार बाशिंदे गंदा पानी को मजबूर थे। गंदे पानी की समस्या से परेशान लोगों ने बूस्टर को ताला भी जड़ा। दो महीने की मशक्कत और अनेक जगह खुदाई के बाद अब गंदे पानी की सप्लाई का कारण मिला है। जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार के कारिंदों ने इन लाइनों को बंद कर दिया है। जांच के दौरान लेबर कॉलोनी में अनेक अवैध कनेक्शन मिले।
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पिछले दो माह से शहर की लेबर कॉलोनी, रामनगर, जगत कॉलोनी, बीटीएम चौक क्षेत्र में सीवर पानी मिक्स गंदे पानी की सप्लाई हो रही थी। पानी इतना खराब था कि खाने-पीने में तो दूर नहाने या कपड़े धोने में भी प्रयोग नहीं किया जा सकता था। पानी से दुर्गंध आ रही थी। कॉलोनी वासियों ने अनेक शिकायत की मगर कोई समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद कॉलोनी वासियों बूस्टर पर ताला भी लगाया। एक्सईएन ने भी मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया था। स्थानीय लोगों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्री के समक्ष भी इसकी शिकायत की। जिस पर अधिकारियों को तुरंत ये ठीक करने के निर्देश दिए गए।
सीवर के हॉल के अंदर से गुजरी हुई घर की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन
जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदार के कारिंदों ने दूषित पानी के कारण खोजने के लिए लेबर कॉलोनी की गली में खुदाई की। जांच के दौरान पाया कि सीवर के घर के बाहर बनाया हॉल के अंदर से ही पेयजल लाइन चार गुजर रही थी और यह लाइन टूटी हुई थी। यहां सीवरेज ठप होने की समस्या पहले से ही है। ऐसे में सीवरेज मैनहोल का सारा गंदा पानी पहले चार इंची लाइन, छह इंची लाइन के माध्यम से मुख्य लाइन में जा रहा था। यहीं से सारा गंदा पानी घरों में सप्लाई हो रहा था। सप्लाई के समय लाइन एक घंटा चलती है मगर 24 घंटों में इस सीवर का गंदा पानी ही मोटरें खिंच रही थी। फिलहाल इन दोनों कनेक्शनों को लकड़ी की डाट फंसा कर बंद कर दिया गया है। यहां जांच के दौरान अवैध कनेक्शन की भरमार मिली। जिनके पाइप भी क्षतिग्रस्त मिले। कॉलोनी वासियों को कनेक्शन वैध कराने और अपने पुराने क्षतिग्रस्त पाइप बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीवर ठप होना भी है बड़ी समस्या : शहर के अधिकांश क्षेत्रों में हो रही गंदे पेयजल सप्लाई के पीछे कारण लीकेज के साथ-साथ घरेलू कनेक्शनों के क्षतिग्रस्त पाइप भी सामने आ रहे है। मगर शहर में बड़ी समस्या ये है कि अधिकतर सीवरेज लाइन ठप है। इस कारण सीवर बैक मार रहे है और गंदा पानी घरों में वापस आ रहा है। यहां भी ऐसी ही समस्या मिली।
ये बोले लेबर कॉलोनी वासी
कॉलोनी के सभी घरों में दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही थी, जिसकी शिकायत के बाद पब्लिक हेल्थ विभाग के कर्मचारी पहुंचे और निजी पेयजल कनेक्शनों की खुदाई की गई। जिन कनेक्शनों में दूषित आपूर्ति की संभावना थी, उन्हें काट दिया गया है। अभी काम चल रहा है। इसके बाद पता चलेगा कि आपूर्ति में कितना सुधार हुआ है।
- पुष्पा देवी, लेबर कॉलोनीवासी।
कई पेयजल कनेक्शनों के लोहे के पाइप भी काफी जर्जर हो चुकी है, ये सीवरेज लाइन के नजदीक होने की वजह से हुआ है। सभी घरों में पिछले चार महीनों से लोग दूषित पानी पीने पर मजबूर हैं। -सिंह बहादुर, लेबर कॉलोनीवासी।
लेबर कॉलोनी में दो पेयजल लाइनें हैं, एक लाइन काफी पुरानी है, जिसकी जगह नई पेयजल लाइन भी डाली गई हैं, लेकिन सीवरेज मैनहोलों की नियमित सफाई नहीं होने से इनमें लीकेज की समस्या बनी है। इसी वजह से निजी कनेक्शनों में भी सीवरेज का गंदा पानी मिक्स होकर घरों तक पहुंच रहा है। इस समस्या के समधान के लिए विभागीय कर्मचारी लगे हैं।
- सुरेश कुमार, लेबर कॉलोनीवासी।
लेबर बूस्टिंग स्टेशन से सुबह पेयजल आपूर्ति दी जाती हैं, लेकिन पिछले चार महीनों से इस इलाके में दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। जिसकी शिकायत प्रशासन के समक्ष की गई और मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी पहुंचा था। पब्लिक हेल्थ विभाग ने पूरे इलाके की पेयजल लाइन को जगह-जगह से खोद डाला। जो जगह खोदी गई थी, उसमें भी अब सीवरेज का गंदा पानी जमा हो गया है। जब तक सीवरेज का समाधान नहीं होगा, तब तक दूषित पेयजल आपूर्ति का निदान नहीं होगा।
- मनोज कुमार, लेबर कॉलोनीवासी।
लोगों के कनेक्शन काफी पुराने है और इनके कारण ही सप्लाई में गंदा पानी आने की समस्या बनती है। अनेक दफा ये केस सामने आ चुके है और हम लोगों से अपील भी कर चुके है सभी अपने पुराने पाइपों को चेक करे। 10 साल या इससे ज्यादा पुराने पाइपों को बदल लें।
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- दर्शन सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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